स्वस्थ पर्यावरण एवं संतुलित जीवनशैली की कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में अहम भूमिकाः राजेश जैन
महिला विवि में निःशुल्क मैमोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर।
रोहतक, गिरीश सैनी। एलपीएस बोसार्ड समूह और डॉ. अनीता नरूला चैरिटेबल ट्रस्ट के कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के तहत खानपुर स्थित बीपीएस महिला विवि में नरूला डायग्नोस्टिक सेंटर के सहयोग से महिलाओं के लिए तीन दिवसीय निःशुल्क मैमोग्राफी शिविर का आयोजन किया गया। 30 जुलाई तक आयोजित इस शिविर में महिलाओं की स्तन कैंसर संबंधी जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बतौर मुख्य अतिथि, समाजसेवी राजेश जैन ने शिविर का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अर्जुन नरूला तथा राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्षा प्रो. सुनीता सिवाच मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सुदेश ने की।
मुख्य अतिथि राजेश जैन ने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत समाज के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना प्रत्येक संस्था का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि सीएसआर के तहत संचालित रक्तदान, नेत्र जांच, सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं मैमोग्राफी मोबाइल वैन द्वारा समाज के एक बड़े वर्ग को उनके घर-द्वार पर स्वास्थ्य जांच सुविधा प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने उपस्थित जन से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पेड़ लगाने, प्राकृतिक खेती को अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। समाजसेवी जैन ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण और संतुलित जीवनशैली अनेक गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर, के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अर्जुन नरूला ने स्तन कैंसर की समय पर पहचान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 40 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को प्रत्येक दो वर्ष में कम-से-कम एक बार मैमोग्राफी अवश्य करानी चाहिए, जबकि 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित रूप से स्तनों का अल्ट्रासाउंड भी कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर सफल निदान की संभावना बढ़ जाती है।
मुख्य वक्ता प्रो. सुनीता सिवाच ने कहा कि प्रत्येक लड़की को अपने परिवार की महिलाओं को नियमित मैमोग्राफी जांच के लिए प्रेरित करना चाहिए। समय पर जांच कराने से स्तन कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सकता है और समय पर उपचार हो सकता है।
कार्यक्रम अध्यक्ष, कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि स्तन कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ रही गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, लेकिन समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित स्क्रीनिंग और समय पर उपचार से जीवन बचाने में सहायक है।
इस दौरान अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
Girish Saini 

