रंग-व्यंजन में लगा उड़ीसा के स्वाद का तड़का

विवि कैंपस में उपलब्ध सामग्री से छात्रों ने बनाए लजीज पेय व व्यंजन।

रंग-व्यंजन में लगा उड़ीसा के स्वाद का तड़का

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक परिधानों और देसी व्यंजनों की खुशबू से सराबोर एमडीयू का टैगोर सभागार परिसर सोमवार को पूरी तरह उत्सवमय दिखा। रंग महोत्सव के अंतर्गत आयोजित लोक-उत्सव रंग-तरंग और लोक-व्यंजन उत्सव रंग-व्यंजन ने हरियाणवी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। लोक धुनों व ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ पारंपरिक सजावट ने विवि को मिनी हरियाणा में बदल दिया।

रंग-तरंग तथा रंग-व्यंजन का उद्घाटन करते हुए आरसीआई की पूर्व अध्यक्षा डॉ. शरणजीत कौर ने कहा कि ये महोत्सव हरियाणा की सांस्कृतिक समृद्धता का उत्सव है। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि प्रत्येक समाज, प्रदेश और राष्ट्र की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान होती है। रंग-तरंग और रंग-व्यंजन जैसे आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, नेतृत्व कौशल और टीम भावना को विकसित करते हैं।

रंग-व्यंजन उत्सव ने आगुतंकों के दिल के साथ-साथ जुबान पर भी अपना खास छाप छोड़ी। हरियाणा के स्टॉल पर बाजरे की रोटी, सरसों का साग, कढ़ी-पकौड़ा, मक्की और चने की रोटी, चूरमा, बादाम रगड़ा, चटनियों का चटकारा, सुहाली, गुलगुले, पूड़े, रायता, छाछ और खीर जैसे पारंपरिक व्यंजनों ने लोगों को देसी स्वाद का जायका दिया।

स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन, झज्जर के स्टाल पर ओडिशा के पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद ने आगंतुकों को अपनी ओर खींचा। स्टार्टर्स में दही-बड़ा आलू दम और गुपचुप का आगुतंकों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं, चाकुली-नारियल चटनी, पुलीहारा, अंबुला राई, गोभी मलाई कोरमा, लऊ पनीर कोफ्ता और मालपुआ रबड़ी के बेहतरीन स्वाद ने लोगों को अंगुलियां चाटने पर मजबूर कर दिया। छात्राओं अश्विना, सूर्यस्नाता, अईयन, प्रज्ञा, शांभवी और स्वर्णा द्वारा तैयार इन व्यंजनों की अलग स्वाद-संरचना और पारंपरिक विधि ने लोगों को पूर्वी भारत के समृद्ध खानपान से अवगत कराया।

एमडीयू के सीएमबीटी विभाग के स्टॉल पर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों द्वारा स्वाद के साथ सेहत का फ्यूजन परोसा गया। विद्यार्थियों ने विवि परिसर में ही उपलब्ध सामग्री से लजीज और स्वास्थ्यवर्धक पेय और व्यंजन तैयार किए। आगुंतकों ने कचनार के फूलों की सब्जी, कदम के फल की चटनी और अपराजिता के फूलों से तैयार रिफ्रेशिंग ड्रिंक के अलावा आयरन की कमी दूर करने वाले मूंग के लड्डुओं को खूब सराहा।

रंग व्यंजन में स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस स्टडीज इन एजुकेशन झज्जर की टीम ने प्रथम, राजकीय महाविद्यालय दूबलधन की टीम ने दूसरा और वैश्य कन्या शिक्षण महाविद्यालय बहादुरगढ़ की टीम ने तीसरा स्थान पाया। जीवीएम गर्ल्स कॉलेज सोनीपत व हिंदी विभाग को सांत्वना पुरस्कार तथा राजनीति विज्ञान विभाग व सीएमबीटी को एप्रेसिएशन पुरस्कार मिला। निर्णायक की भूमिका तिलयार स्थित आईएचएम के प्राचार्य शंभू नाथ गौतम और बीपीएसएमवी के होटल मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज मिश्रा ने निभाई।