सोसाइटी ऑफ न्यूरोक्रिटिकल केयर का 9वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न

सोसाइटी ऑफ न्यूरोक्रिटिकल केयर का 9वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न

गुरुग्राम, गिरीश सैनी। सोसाइटी ऑफ न्यूरोक्रिटिकल केयर (एसएनसीसी) का 9वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न हुआ। न्यूरोलॉजिकल रोगों से पीड़ित मरीजों की देखभाल के लिए समर्पित डॉक्टरों, नर्सों, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का ये बहु-विषयक संगठन विश्व भर की 12 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। सम्मेलन में देशभर से लगभग 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 

सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. हर्ष सप्रा तथा, डॉ. वसुधा सिंघल व डॉ. अंशुल भाटिया आयोजन सचिव रहे। सोसाइटी के सचिव डॉ. यश जावेरी ने अकादमिक गतिविधियों का समन्वय किया।

सम्मेलन से पूर्व चार कार्यशालाओं में डॉक्टरों और नर्सों को विशेष रूप से नर्सिंग प्रक्रियाओं एवं ब्रेन अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सम्मेलन में जर्मनी के डॉ. क्लेन मैथियाड, सिंगापुर के डॉ. वोन यूलिन और जापान के डॉ. मसाओ सहित 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मौजूद रहे। 
सीएमसी वेल्लोर के डॉ. मैथ्यू जोसेफ द्वारा चिकित्सा में जीवन अनुभव और नैतिकता विषय पर व्याख्यान दिया गया व्याख्यान रहा। पुणे के डॉ. कपिल ज़िरपे ने अंगदान के महत्व पर अपने विचार साझा किए। ब्रेन डेथ के क्षेत्र में अग्रणी कार्य करने वाले डॉ. आर.के. मणि, जर्मनी के डॉ. मैथियास क्लेन ने भी विचार रखे।

आयोजन अध्यक्ष डॉ. हर्ष सप्रा ने बताया कि सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल चोटों और रोगों में शीघ्र उपचार के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि भारत में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के बावजूद केवल लगभग 20% स्ट्रोक और सिर की चोट के मरीज समय पर विशेष केंद्रों तक पहुंच पाते हैं, जिससे दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है।

सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने न्यूरोक्रिटिकल केयर की बढ़ती आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि सोसाइटी डॉक्टरों और नर्सों के लिए फेलोशिप कार्यक्रम चला रही है, जिससे देशभर में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।