सुपवा के दीक्षांत समारोह में 760 छात्रों को मिली डिग्री, 35 को मिला स्वर्ण पदक
इनोवेशन के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी रहें जुड़ेः प्रो. असीम कुमार घोष
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक के सोमवार को आयोजित दूसरे दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं महामहिम राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष की अध्यक्षता में छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गई। इस दौरान राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ बतौर विशिष्ट अतिथि, हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा व सीएम के ओएसडी डॉ राज नेहरू मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस दौरान अलग-अलग बैच व कोर्स के 760 छात्रों ने ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की।
शैक्षणिक शोभा यात्रा के माध्यम से विवि स्टाफ सदस्य राज्यपाल व अन्य अतिथियों को लेकर मंच तक पहुंचे, जहां दीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती वंदना, वंदे मातरम व विवि कुल गीत के साथ समारोह प्रारंभ हुआ। कुलपति डॉ अमित आर्य, कुलसचिव डॉ गुंजन मलिक मनोचा व डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ अजय कौशिक ने अतिथियों को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किए। राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा को विवि के छात्रों द्वारा तैयार किए गए पोर्ट्रेट भी भेंट किए गए। कुलाधिपति ने अलग-अलग बैच व कोर्स के 760 छात्रों को ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्रदान की। साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 35 छात्रों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। इससे पहले कुलसचिव डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने मंच पर उपस्थित अतिथियों व प्रदेश भर के विवि से पहुंचे कुलपतियों व कुलसचिवों का स्वागत किया। उन्होंने बंगाली भाषा में सुप्रभात बोलकर राज्यपाल व उनकी धर्मपत्नी का अभिनंदन किया।
कुलाधिपति एवं राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने अपने संबोधन में कहा कि महान सूर्य कवि दादा लख्मीचंद के नाम पर स्थापित डीएलसी सुपवा के दीक्षांत समारोह में उपस्थित होना मेरे लिए गौरव का विषय है। उनकी विरासत आज भी कलाकारों की पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, सृजनात्मकता और जिम्मेदारी का उत्सव है। राज्यपाल ने कहा कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी प्रणालियों में से एक है, जो आज 4 करोड़ से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रही है। हरियाणा ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि डीएलसीसुपवा केवल रोजगार करने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं करा रही है, बल्कि यह संस्थान ऐसे रचनात्मक नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण कर रहा है, जो प्रदर्शन व दृश्य कला, फैशन व वस्त्र डिजाइन, फिल्म व टेलीविजन के अलावा आर्किटेक्ट जैसे क्षेत्रों के माध्यम से समाज को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये भी जरूरी है कि हम इनोवेशन के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह यूनिवर्सिटी वैश्विक कला संस्थानों के साथ साझेदारी स्थापित करे, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भाग ले और हरियाणा को विश्व की कलात्मक विरासत में एक सम्मानित योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करे।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि ये विवि हमारे राज्य की कला, संस्कृति व रचनात्मकता का हृदय है। यहां से डिग्री लेकर निकलना इस बात का प्रमाण है कि आप केवल शिक्षित नहीं हुए हैं, बल्कि आपने यहां पर अपनी संवेदनाओं व हुनर को तराशा है। सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हमारा विजन स्पष्ट है। हम केवल डिग्री बांटने वाले शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि स्किल सेंटर विकसित कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि आप लोग कला व प्रदर्शन के क्षेत्र में हरियाणा की समृद्ध विरासत के वाहक हैं। आप केवल रोजगार खोजने वाला न बनें, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनने का संकल्प लें।
कुलपति डॉ अमित आर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी। उन्होंने छात्रों से कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह केवल आपकी शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि एक नए युग, नए अवसरों व नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने सभी शिक्षकों व स्टाफ सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने छात्रों के मार्गदर्शन व उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही, अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग, विश्वास व प्रेरणा से छात्र इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
इस दौरान पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर रामअवतार बाल्मीकि, सीडीएलयू सिरसा के कुलपति डॉ विजय कुमार, जीजेयू हिसार के कुलपति प्रो नरसी राम बिश्नोई, डीक्रस्ट मुरथल के कुलपति प्रो श्रीप्रकाश सिंह, एमडीयू रोहतक के कुलपति प्रो मिलाप पूनियां, पं. बीडीएस स्वास्थ्य विज्ञान विवि रोहतक के कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल, सीआरएसयू जींद के कुलपति प्रो रामपाल सैनी, सुपवा के एग्जीक्यूटिव मेंबर प्रो केजी सुरेश, फाइनेंस कमेटी मेंबर सीए रोहित गुप्ता, फाइनेंस कमेटी मेंबर वीरेंद्र गर्ग, पूर्व कुलपति वीएस कुंडू, उपायुक्त सचिन गुप्ता, एसपी गौरव राजपुरोहित, एडीसी नरेंद्र कुमार, एसडीएम आशीष वशिष्ठ सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।
सुपवा में आयोजित दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूर्व छात्रों के लिए भावनाओं व यादों से भरा एक खास अवसर बन गया। छात्र अपने अभिभावकों के साथ लेकर पहुंचे। अपने बच्चों को डिग्री प्राप्त करते हुए देख अभिभावकों ने भी गर्व अनुभूति की। दीक्षांत समारोह में छात्रों व स्टाफ सदस्यों ने पारंपरिक परिधानों में शिरकत की। बीते दिनों की यादें ताजा करते हुए छात्रों ने विवि के विभिन्न कोनों, क्लास रूम, कैंपस व पसंदीदा जगहों पर जाकर इन पलों को कैमरे में कैद किया।
दीक्षांत समारोह समाप्त होने के बाद कुलपति डॉ अमित आर्य ने भी पूर्व छात्रों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। इस दौरान मास्टर ऑफ प्लानिंग के 29, मास्टर ऑफ फैशन डिजाइन के 32, मास्टर ऑफ विजुअल आर्ट्स के 39, मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन - मीडिया प्रोडक्शन) के 14, बैचलर ऑफ आर्किटेक्ट के 133, बैचलर ऑफ डिजाइन के 210, बैचलर ऑफ विजुअल आर्ट्स के 214 तथा बैचलर ऑफ फाइन आर्ट़्स (फिल्म, एक्टिंग, ऑडियोग्राफी, सिनेमेटोग्राफी, फिल्म डायरेक्टर व फिल्म एडिटिंग) के 89 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।

Girish Saini 

