पशु सुरक्षा चक्र अभियान के तहत रोहतक जिले में अब तक लगे 98 हजार टीकेः डीसी सचिन गुप्ता
मुंह खुर व गलघोटू संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए अभियान 11 जून तक।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि जिला में पशु सुरक्षा चक्र अभियान के तहत अब तक लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। इस दौरान अब तक पशु सुरक्षा चक्र अभियान के तहत 98154 पशुओं को टीके लगाये जा चुके है, जबकि 11 जून तक जिला के लगभग 2 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालक टीकाकरण के दौरान प्राप्त होने वाला ओटीपी निसंकोच विभाग की अधिकृत टीमों के साथ सांझा करें ताकि टीकाकरण रिकॉर्ड का समय पर ऑनलाइन सत्यापन किया जा सके।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग की 65 टीमें गांव-गांव जाकर घर-घर पशुओं का टीकाकरण कर रही है, ताकि कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। पशुओं को मुंह खुर एवं गलघोटू जैसी गंभीर एवं संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विशेष संयुक्त टीकाकरण अभियान में हरियाणा उन राज्यों में शामिल है, जहां मुंह खुर एवं गलघोटू रोगों के लिए संयुक्त वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। इससे पशुओं को अलग-अलग टीके लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती तथा पशुओं को बार-बार होने वाले तनाव से भी राहत मिलती है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण करवाने के लिए पशुओं की टैगिंग अनिवार्य है। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक पशु का पंजीकरण भारत सरकार के भारत पशुधन ऐप पर कर रहे है तथा टीकाकरण के तुरंत बाद उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। पशुओं को टीकाकरण के उपरांत पशुपालक के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जो ऑनलाइन सत्यापन एवं रिकॉर्ड की प्रमाणिकता के लिए आवश्यक है। टीकाकरण के दौरान वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पशुपालन विभाग के कार्यकारी उप निदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि विभाग की 65 टीमें पशु सुरक्षा चक्र अभियान के तहत लक्षित पशुओं का टीकाकरण कर रही है। मुंह खुर एवं गलघोटू दोनों ही पशुओं में अत्यंत गंभीर और संक्रामक बीमारियां हैं। एफएमडी-एचएस की संयुक्त वैक्सीन से पशुओं को अलग-अलग टीके लगाने की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे टीकाकरण की आवृत्ति वर्ष में चार बार से घटकर दो बार रह जाती है।

Girish Saini 

