गुजवि का 29वां स्थापना दिवस मनाया गया।

गुजवि का 29वां स्थापना दिवस मनाया गया।

हिसार, गिरीश सैनी। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 29वें स्थापना दिवस के मौके पर शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गुजवि की शानदार विकास यात्रा का वर्णन व प्रदर्शन किया गया। पुस्तक प्रदर्शनी के आयोजन के साथ-साथ अग्रणी योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मेघालय के डीजीपी डॉ. एल.आर. बिश्नोई, आईपीएस ने शिरकत की। कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर समारोह के विशिष्ट अतिथि रहे। मुख्य अतिथि डॉ. एल.आर. बिश्नोई, आईपीएस, कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई व अन्य अतिथियों ने गुरु जम्भेश्वर महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। 

मुख्य अतिथि डॉ. एल.आर. बिश्नोई ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर महाराज के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि गुजवि अपनी कार्यक्षमता के दम पर शोध तथा अनुसंधान के क्षेत्र में और भी उच्चस्तरीय आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे नशे से दूर रहें।  

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने अपने सम्बोधन में अब तक की उपलब्धियों को याद करते हुए भविष्य का रोडमैप भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 132 एकड़ में फैले गुजवि में 25 से अधिक शिक्षण विभाग, नौ से अधिक नियमित कार्यक्रम, ऑपन व डिस्टेंस लर्निंग मोड के नौ तथा दो ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध हैं। स्थापना के समय से ही नैक से ‘ए’ ग्रेड प्राप्त गुजवि वर्तमान में ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त है। उन्होंने गुजवि के विश्व स्तरीय आधारभूत ढांचे का जिक्र करते हुए बताया कि अत्यंत कम समय में इतना श्रेष्ठ ढांचा विकसित करने वाला यह अपनी तरह का एक श्रेष्ठ विश्वविद्यालय है।  

कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर ने अपने स्वागत सम्बोधन में कहा कि गुजवि की विकास यात्रा न केवल विश्वविद्यालय से संबंध हर व्यक्ति को बल्कि सम्पूर्ण हरियाणा वासियों को गौरवान्वित करने वाली है।

बाबा साहेब अम्बेडकर पुस्तकालय के सौजन्य से आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों ने अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन किया। गुजवि के विभिन्न विभागों द्वारा उनके विभागों से संबंधित प्रकाशन तथा अन्य उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।  मुख्य हॉल में विशेष उपलब्धियां प्राप्त करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा शिक्षकों द्वारा लिखित नई प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी शानदार प्रस्तुतियां दी गई।  

कार्यक्रम में स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय की रैंकिंग में विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल होने वाले पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के वैज्ञानिक गुजवि के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई को सम्मानित किया गया। साथ ही बायो एंड नैनो टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक प्रो. नीरज दिलबागी, फार्मास्यूटिकल विज्ञान के वैज्ञानिक प्रो. अश्वनी कुमार व प्रो. दिनेश ढींगड़ा व मैकेनिकल इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक प्रो. महेश कुमार को विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल होने पर सम्मानित किया गया। 

इसके साथ ही प्रो. आशीष अग्रवाल, प्रो. सुजाता सांघी, प्रो. देवेन्द्र मोहन, प्रो. एन.के. बिश्नोई, प्रो. मुनीष आहूजा, डॉ. विक्रमजीत, प्रो. राजीव, डॉ. माधवी चाहर, डॉ. श्वेता महरोत्रा, डॉ. सुमिता चहल, डॉ. अशोक चौधरी व डॉ. मीनाक्षी पाल को भी सम्मानित किया गया।