सुपवा में एक मंच पर सजेगा विभिन्न कलाओं का इंद्रधनुषः कुलपति डॉ. आर्य
सारंग महोत्सव में हरियाणा के थियेटर क्लब होंगे सम्मानित।
रोहतक, गिरीश सैनी। स्थानीय दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) 9 से 12 फरवरी तक ‘भारंगम’ के साथ ही चार दिवसीय ‘सारंग’ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। डीएलसी सुपवा के अपने आयोजन सारंग महोत्सव का मंच अलग से एफटीवी डिपार्टमेंट के कोर्टयार्ड में सजेगा। कुलपति प्रो. अमित आर्य ने बुधवार को इस आयोजन का पोस्टर लॉन्च किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ गुंजन मलिक मनोचा सहित अन्य विवि अधिकारी व संकाय सदस्य मौजूद रहे।
विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कुलपति डॉ. अमित आर्य ने बताया कि भारंगम में जहां देश-विदेश की टीमों द्वारा सिर्फ नाटकों का मंचन किया जाएगा। वहीं सारंग को कलात्मक अभिव्यक्तियों के इंद्रधनुष की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें विभिन्न कला रूप एक ही मंच पर नजर आएंगे। रंगों, विचारों, आवाजों और परंपराओं के मेल का उत्सव- सारंग महोत्सव कला के माध्यम से सौहार्द, रचनात्मकता और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देगा। विभिन्न रचनात्मक विधाओं को एक छत्र के नीचे लाकर सारंग प्रदर्शनियों, संवादों, स्क्रीनिंग, कार्यशालाओं और दृश्य कथाकथन के लिए एक जीवंत स्थान है।
कुलपति डॉ. आर्य ने कहा कि सारंग के मंच पर कथक, ओडिसी, छाऊ, सत्त्रिया, भांगड़ा के अलावा लोक और पारंपरिक प्रदर्शन जैसे पेन नदाई कुथु (तमिल लोक रंगमंच) और असमिया लोक कला भी प्रसिद्ध टीमों द्वारा प्रदर्शित की जाएंगी। संगीतमय और काव्यात्मक कथाएं, कव्वाली और गजल, छात्र बैंड प्रदर्शन और समकालीन लाइव संगीत कार्यक्रम भी सारंग के मंच पर नजर आएंगे। साथ ही, निर्देशकों की बैठक, मास्टर क्लासेस, विशेषज्ञ वार्ता और प्रख्यात रंगमंच और प्रदर्शन कला हस्तियों के साथ इंटरेक्टिव सेशन भी इसी मंच का हिस्सा होंगे।
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कुलपति डॉ. आर्य ने बताया कि इस दौरान प्रदेश भर के उन रंगमंच, थियेटर क्लब व संगठनों को सम्मानित किया जाएगा, जो थियेटर को जिंदा रखने में अपना अभूतपूर्व योगदान दे रहे हैं। इसके लिए अभी तक 20 ऐसे थियेटर क्लब की पहचान की जा चुकी है, जो अपने-अपने जिले में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इन क्लबों के ग्रुप लीडर, संचालकों को चार दिवसीय महोत्सव में अलग-अलग दिन बुलाकर अभिनन्दन किया जाएगा।

Girish Saini 

