बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की 11वीं वर्षगांठ मनाई

एमडीयू के स्वराज सदन में यूथ रेड क्रॉस (वाईआरसी) के तत्वावधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की 11वीं वर्षगांठ उत्साह, प्रेरणा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के सशक्तिकरण, शिक्षा और समान अवसरों को लेकर जागरूकता फैलाना रहा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की 11वीं वर्षगांठ मनाई

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के स्वराज सदन में यूथ रेड क्रॉस (वाईआरसी) के तत्वावधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की 11वीं वर्षगांठ उत्साह, प्रेरणा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के सशक्तिकरण, शिक्षा और समान अवसरों को लेकर जागरूकता फैलाना रहा।

भारतीय पुनर्वास परिषद की पूर्व अध्यक्ष डॉ. शरणजीत कौर ने बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कहा कि आज की बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने निर्णय स्वयं ले सकें और समाज में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बेटियों को समान अवसर दें और उनके सपनों को उड़ान भरने का पूरा अधिकार दें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि एमडीयू में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ केवल नारा नहीं, बल्कि व्यवहार में उतरी हुई सच्चाई है। उन्होंने कहा कि विवि में कई नेतृत्वकारी पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं और मेरिट सूची में छात्राएं लगातार शीर्ष स्थान हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए महिलाओं को स्वतंत्रता, सम्मान और अवसर देना अनिवार्य है और इन अवसरों का उपयोग महिलाएं राष्ट्र निर्माण में करें।

मोटिवेशनल स्पीकर, लाइफ कोच एवं सिक्योरिटी एक्सपर्ट वीना गुप्ता ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कहा कि बेटियों का सशक्तिकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक मजबूती, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच भी उतनी ही जरूरी है।

 

डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग ने कहा कि बेटियों को संस्कारों और मर्यादाओं के साथ ज्ञान अर्जन करते हुए शिक्षा, शोध और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस दौरान प्रो. अंजू धीमान, प्रो. विमल, प्रो. प्रतिमा देवी, डॉ. कर्मवीर श्योकंद, डॉ बिंदु अहलावत, डॉ मीनू भान सहित वाईआरसी काउंसलर तथा वॉलंटियर्स मौजूद रहे।की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।