दूसरों को खुश करने में खुद को न खोएं: डॉ. पंकजा सिंह
एमडीयू में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ व्याख्यान, अपनी जरूरतों और मूल्यों के अनुरूप फैसले लेने की सलाह
रोहतक, गिरीश सैनी। दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और सामाजिक स्वीकृति पाने की चाह में व्यक्ति अक्सर अपनी इच्छाओं और भावनात्मक जरूरतों को नजरअंदाज करने लगता है। बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि व्यक्ति दूसरों की अपेक्षाओं के बजाय अपने मूल्यों, पसंद और पहचान के अनुरूप फैसले ले। स्वयं को प्राथमिकता देने का अर्थ दूसरों की अनदेखी करना नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना है। यह बात मेंटल वेलनेस सेंटर, गुरुग्राम की संस्थापक एवं क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. पंकजा सिंह ने एमडीयू में विशेषज्ञ व्याख्यान के दौरान कही।
यूआईईटी की यूएचवी एवं सॉफ्ट स्किल्स कमेटी द्वारा राधाकृष्णन सभागार में मेंटल हेल्थ: अंडरस्टैंडिंग, कनेक्टिंग एंड ग्रोइंग टुगेदर विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने चूजिंग योरसेल्फ: ब्रेकिंग फ्री फ्रॉम कंडीशनिंग विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि पारिवारिक अपेक्षाएं, सामाजिक मान्यताएं और दूसरों से तुलना व्यक्ति के निर्णयों को प्रभावित करती हैं। इससे बचने के लिए आत्म-जागरूकता विकसित करना और अपने फैसलों को व्यक्तिगत मूल्यों के आधार पर परखना जरूरी है।
डॉ. पंकजा ने विद्यार्थियों को आत्म-सम्मान बनाए रखने, स्वयं को स्वीकार करने और भावनाओं को महत्व देने की सलाह दी। उन्होंने तनाव साझा करने, पर्याप्त नींद लेने, नियमित व्यायाम करने और संतुलित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने को भी मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल का अहम हिस्सा बताया।
कार्यक्रम में प्रो. मनजीत कौर ने स्वागत संबोधन दिया। इस दौरान प्रो. प्रभाकर कौशिक, डॉ मनजीत, डॉ. सुखबीर, डॉ. चंचल हुड्डा, डॉ. छवि राणा सहित प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।

Girish Saini

