डीसी सचिन गुप्ता ने जिलाभर में सडक़ सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
राष्ट्रीय राजमार्गों पर न रहे कोई भी अवैध कट।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला में सडक़ दुर्घटनाओं में जन-धन की हानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से सभी सडक़ स्वामित्व वाली एजेंसियों एवं संबंधित विभागों को व्यापक सडक़ सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला सडक़ सुरक्षा समिति (डीआरएससी) एवं सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सडक़ सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जिले के चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष नाके स्थापित किए जाएं तथा यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जाए। बिना हेलमेट वाहन चलाने, शराब के नशे में वाहन चलाने, गलत दिशा में वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने तथा रेड लाइट जंप करने वालों के विरुद्ध चालान किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्वत: चालान (ऑटोमेटिक चालान) जारी किए जाएं। बैठक में बताया गया कि शहर में लगाए गए 250 सीसीटीवी कैमरों में से वर्तमान में 236 कैमरे कार्यरत हैं। उपायुक्त ने नगर निगम एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शेष कैमरों को भी शीघ्र चालू कराया जाए ताकि निगरानी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
उन्होंने आम नागरिकों से भी यातायात नियमों का स्वेच्छा से पालन करने तथा सडक़ दुर्घटना पीडि़तों की गोल्डन ऑवर के दौरान सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सडक़ दुर्घटना देखता है तो तुरंत आपातकालीन सहायता सेवा ईआरएसएस-112 पर सूचना दें तथा घायल को निकटतम अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करे। उन्होंने बताया कि सडक़ दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) को हरियाणा सरकार द्वारा नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
उपायुक्त ने एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस तथा आरटीए को संयुक्त रूप से मृत्यु दर बढ़ने के कारणों का विश्लेषण करने तथा इंजीनियरिंग, प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता आधारित व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई को निर्देश दिए कि जिला से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोई भी अवैध कट शेष नहीं रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां वास्तविक जनहित की आवश्यकता हो, वहां नियमानुसार अधिकृत कट देने के प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि बार-बार अवैध कट बनाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने विशेष रूप से रोहतक बाईपास पर टिटौली के निकट बने अवैध मीडियन कट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एनएचएआई एवं यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि इसे कंक्रीट बैरियर लगाकर स्थायी रूप से बंद किया जाए।
बैठक में वर्ष 2026 के दौरान जिले में सामने आए 36 हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। इनमें रोहतक सदर एवं सांपला थाना क्षेत्र में सर्वाधिक घटनाएं दर्ज होने पर पुलिस विभाग को इन क्षेत्रों में गश्त एवं प्रवर्तन गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी सडक़ स्वामित्व वाली एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे जिलेभर में सर्वेक्षण कर सडक़ के बीच अथवा सडक़ के अत्यधिक निकट स्थित बिजली के खंभों की पहचान करें तथा संबंधित विभागों के समन्वय से उन्हें हटाने अथवा स्थानांतरित करने की कार्रवाई करें। उन्होंने सडक़ स्वामित्व वाली एजेंसियों को वन विभाग के सहयोग से सडक़ किनारे दृश्यता में बाधा बनने वाले पेड़ों एवं झाडिय़ों की नियमित छंटाई कराने के भी निर्देश दिए।
बहु अकबरपुर रोड पर स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर सभी स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण कोई सडक़ दुर्घटना होकर जनहानि होती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने निर्धारित मॉडल रोड के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा संबंधित एसडीएम को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा। सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अगले चार माह के भीतर जिले में संचालित प्रत्येक निजी स्कूल बस का निरीक्षण कर निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करें। जिन वाहनों में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई जाएं, उन्हें कमियां दूर होने तक स्कूली बच्चों के परिवहन की अनुमति न दी जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स को पूर्ण रूप से सक्रिय किया जाए तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रत्येक पंद्रह दिन में समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि लंबित सडक़ सुरक्षा कार्यों पर अद्यतन कार्यवाही प्रतिवेदन (एटीआर) अगली समीक्षा बैठक से पूर्व आरटीए, रोहतक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, एसडीएम सांपला अंकिता पुवार, आरटीए सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, एसडीएम रोहतक आशीष कुमार, एसडीएम महम विपिन कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत सिंह, डीडीपीओ राजपाल चहल सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Girish Saini 


