एमडीयूः नए सत्र में विद्यार्थी होंगे कार्ययोजना का केंद्र, स्टार्टअप और रोजगार पर होगा फोकस

कुलपति प्रो. पूनियाँ ने साझा किया रोडमैप।

एमडीयूः नए सत्र में विद्यार्थी होंगे कार्ययोजना का केंद्र, स्टार्टअप और रोजगार पर होगा फोकस

रोहतक, गिरीश सैनी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एमडीयू की कार्ययोजना विद्यार्थी-केंद्रित होगी। शिक्षा के साथ कौशल, शोध, नवाचार, स्टार्टअप और रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को बदलती रोजगार जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने शुक्रवार को डीन, विभागाध्यक्षों, निदेशकों और केंद्राध्यक्षों की बैठक में नए सत्र का रोडमैप साझा किया।

कुलपति ने कहा कि विवि का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्रीधारी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें कौशलयुक्त, रोजगार योग्य और उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को कैलेंडर ऑफ एकेडमिक एंड रिसर्च एक्टिविटी तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत व्याख्यान, विशेष व्याख्यान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और शोध गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नई सीख के अवसर मिलें।

प्रो. पूनियाँ ने विभागाध्यक्षों से विद्यार्थियों को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करने और विभागों में स्टार्टअप कल्चर विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के नए आइडिया को मंच और प्रोत्साहन दिया जाए, ताकि वे नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बन सकें।

उन्होंने गुणवत्तापरक शिक्षण के साथ शोध और नवाचार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। विद्यार्थियों को रिसर्च, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश देते हुए उन्होंने नियमित कक्षाएं सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा।

कुलपति प्रो. पूनियाँ ने को-करिकुलर और एक्स्ट्रा-करिकुलर गतिविधियों को बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और नेतृत्व कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बैठक में शोधार्थियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने शोधार्थियों को बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन देने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी शोध के लिए अनुकूल अकादमिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नए सत्र में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों का क्षमता संवर्धन एमडीयू की प्राथमिकता रहेगा। बैठक में डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल सहित सभी संकायों के डीन, केंद्रों के निदेशक और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।