वेतन की ठोस गारंटी पर अड़े विवि कर्मचारी, कुलपति से वार्ता बेनतीजा

बीपीएसएमवी शिक्षकों-कर्मचारियों का धरना चौथे दिन भी जारी।

वेतन की ठोस गारंटी पर अड़े विवि कर्मचारी, कुलपति से वार्ता बेनतीजा

रोहतक/गोहाना, गिरीश सैनी। लंबित वेतन के भुगतान और नियमित वेतन की मांग को लेकर आंदोलनरत भगत फूल सिंह महिला विवि के शिक्षक-कर्मचारियों ने अब आश्वासन नहीं, गारंटी चाहिए का रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार को चौथे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। कुलपति प्रो. सुदेश ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार से जल्द बजट मिलने की उम्मीद जताई, लेकिन कर्मचारी तारीख या ठोस गारंटी पर अड़ गए। नतीजा—बातचीत बेनतीजा और धरना जारी।

विवि शिक्षक संघ (बीपीएसएमवीआरएफए) और बीपीएस महिला विवि कर्मचारी संघर्ष समिति (बीपीएसएमवीकेएसएस) के संयुक्त बैनर तले मुख्य द्वार पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

कुलपति प्रो. सुदेश शुक्रवार सुबह धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलनरत कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि विवि प्रशासन राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और लंबित वेतन के भुगतान के साथ भविष्य में नियमित एवं समय पर वेतन जारी करने के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने जल्द बजट जारी होने की उम्मीद जताते हुए कर्मचारियों से धरना समाप्त करने की अपील की।

कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कुलपति से बजट जारी होने की निश्चित अथवा संभावित तारीख पूछी। उन्होंने कहा कि यदि लंबित वेतन के भुगतान और भविष्य में वेतन नियमित करने के लिए बजट की निश्चित समय-सीमा की गारंटी मिलती है तो वे धरना समाप्त करने को तैयार हैं। कुलपति ने स्पष्ट किया कि वह सरकार के स्तर पर जारी प्रयासों का आश्वासन दे सकती हैं, लेकिन बजट जारी होने की निश्चित तारीख या गारंटी देने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बाद वार्ता बेनतीजा रही और कर्मचारियों ने धरना जारी रखने का फैसला किया।

धरनारत कर्मचारियों के अनुसार, विवि में करीब दो वर्षों से वेतन भुगतान अनियमित है और कई बार वेतन चार महीने से अधिक समय तक लंबित रहा है। इससे कर्मचारियों को परिवार की आवश्यक जरूरतें पूरी करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण धरना अब उनके सामने अंतिम विकल्प है। विरोध स्वरूप विवि के शिक्षकों ने 17 अगस्त से अपनी अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी छोड़ दी हैं।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित वेतन का तत्काल भुगतान, मार्च 2027 तक पर्याप्त बजट आवंटन और भविष्य के प्रत्येक वित्तीय वर्ष में वेतन के लिए स्थायी एवं पर्याप्त बजट प्रावधान शामिल हैं। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक वेतन संकट के स्थायी समाधान की ठोस गारंटी नहीं मिलती, उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन

धरना स्थल पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं गोहाना के पूर्व विधायक जगबीर सिंह मलिक तथा बड़ौदा के विधायक इंदुराज भी पहुंचे और कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। पूर्व विधायक मलिक ने विवि के लंबे समय से चले आ रहे वित्तीय संकट पर चिंता जताई और संस्थान की विशिष्ट भूमिका का उल्लेख किया। विधायक इंदुराज ने कर्मचारियों की मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में उठाने का आश्वासन दिया।