रोजगार लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवाः प्रो. बलराम पाणि

एमडीयू में युवा सहकार सम्मेलन आयोजित, कुलपति ने सहकारिता को युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बताया।

रोजगार लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवाः प्रो. बलराम पाणि

रोहतक, गिरीश सैनी। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना होगा। नए विचारों के साथ सहकारिता की भावना अपनाकर ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। ये बात दिल्ली विवि के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणि ने एमडीयू में आयोजित युवा सहकार सम्मेलन –सहकारः आज का रोजगार में बतौर मुख्य अतिथि कही।

प्रो. बलराम पाणि ने कहा कि युवा संगठित होकर कार्य करें, स्वरोजगार को अपनाएं और समस्याओं का समाधान खोजने वाले बनें। उन्होंने सहकारिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों के संतुलन से ही समाज और देश का समग्र विकास संभव है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि सहकारिता युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से सहकारी मॉडल को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि युवाओं को सहकारी समितियों से जुड़कर नए रोजगार के अवसर सृजित करने चाहिए। ऐसे आयोजन आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेंगे। सहकार भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजबीर सिंह गोदारा, महामंत्री डॉ. सौरभ भीष्म तथा कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन हरीश कौशिक ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ. गीतिका ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम का संयोजन जितेंद्र कुमार और राकेश सैनी ने किया।