एमडीयू में रोजगारपरक कौशल निखारने की कार्यशालाएं शुरू
कुलसचिव बोले—संवाद कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल से दक्ष बनाने के लिए कौशल विकास कार्यशालाएं शुरू की गईं। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि बदलती रोजगार जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना जरूरी है।
सीसीपीसी ने महिंद्रा प्राइड क्लासरूम और नंदी फाउंडेशन के सहयोग से वाणिज्य, जूलॉजी और पर्यावरण विज्ञान विभागों के विद्यार्थियों के लिए ये कार्यशालाएं आयोजित की है। वाणिज्य विभाग में शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कुलसचिव ने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में उपयोग करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षक रविंदर और जयदीप मल्होत्रा ने संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए सकारात्मक दृष्टिकोण, पेशेवर व्यवहार तथा कैंपस प्लेसमेंट की तैयारी पर मार्गदर्शन दिया।
सीसीपीसी निदेशिका प्रो. दिव्या मल्हान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की अपेक्षाओं के बीच की दूरी कम करते हैं। वाणिज्य विभागाध्यक्षा प्रो. सीमा राठी और जूलॉजी विभागाध्यक्षा प्रो. मीनाक्षी शर्मा ने भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

Girish Saini

