वेतन संकट पर महिला विवि शिक्षक-कर्मचारी आर-पार के मूड में, तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा

सीएम के ओएसडी से ऑनलाइन बैठक, नहीं निकला समाधान।

वेतन संकट पर महिला विवि शिक्षक-कर्मचारी आर-पार के मूड में, तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा

रोहतक/गोहाना, गिरीश सैनी। दो साल से वेतन भुगतान में अनियमितता और कई बार चार महीने तक वेतन अटकने से रुष्ट भगत फूल सिंह महिला विवि, खानपुर के कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। लंबित वेतन और स्थायी वित्तीय समाधान की मांग को लेकर बीपीएसएमवी के कर्मचारियों, शिक्षक संघ और कर्मचारी संघर्ष समिति का संयुक्त अनिश्चितकालीन धरना वीरवार को तीसरे दिन भी विवि के मुख्य द्वार पर जारी रहा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि लंबित वेतन समेत अन्य मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरने को इनेलो के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह ने समर्थन दिया। अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे प्रो. संपत सिंह ने राज्य विश्वविद्यालयों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कमी का सांख्यिकीय विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने सरकार से लंबित वेतन तत्काल जारी करने, ग्रांट-इन-एड व्यवस्था बहाल करने, सभी स्वीकृत पदों को भरने तथा रिक्त पद समाप्त करने की नीति वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि विवि को वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।

सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा के उपाध्यक्ष शीलक राम मलिक, सीटू के संस्थापक श्रद्धानंद सोलंकी और इंजीनियर्स एसोसिएशन, हरियाणा से के.के. मलिक ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर धरनारत विवि कर्मियों को समर्थन दिया। उन्होंने सरकार से विवि के लिए पर्याप्त धनराशि तत्काल जारी करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी आंदोलन को और तेज कर सकती है।

आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से वेतन का समय पर भुगतान एक गंभीर समस्या बना हुआ है। कई बार वेतन चार महीने से अधिक समय तक लंबित रहा, जिससे कर्मचारियों को घरेलू और आवश्यक खर्च चलाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

धरने के दौरान विवि कुलपति धरना स्थल पर पहुंची और एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी राज नेहरू के साथ ऑनलाइन बैठक के लिए आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में कर्मचारियों की मांगें रखीं, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। ओएसडी की ओर से केवल निकट भविष्य में मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।

आंदोलन के तहत शिक्षकों ने 17 अगस्त से सभी अतिरिक्त जिम्मेदारियां छोड़ दी हैं। कर्मचारियों ने सरकार से लंबित वेतन तुरंत जारी करने, मार्च 2027 तक पूरे वित्तीय वर्ष के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करने तथा भविष्य के वर्षों में वेतन भुगतान के लिए हर साल पर्याप्त एकमुश्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की है। शिक्षण और गैर-शिक्षण, नियमित व अनुबंधित कर्मचारी मांगें पूरी होने और समस्या के स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।