देश की प्रगति के लिए महिला सशक्तिकरण आवश्यकः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

जेंडर मॉड्यूल पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम।

देश की प्रगति के लिए महिला सशक्तिकरण आवश्यकः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

करनाल, गिरीश सैनी। भारतीय संस्कृति में महिलाओं को प्राचीन काल से ही विशेष सम्मान प्राप्त है। हमारे समाज में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है और उसे शक्ति, ज्ञान एवं समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ये बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने संस्थान द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सामुदायिक स्तर के संघ सदस्यों (सीएलएफ सदस्यों) के लिए जेंडर मॉड्यूल पर तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही। जिला कार्यक्रम प्रबंधक गुरमीत सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

निदेशक डॉ चौहान ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जेंडर समानता को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि जब तक समाज में महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि सीएलएफ सदस्य गांव स्तर पर परिवर्तन के वाहक होते हैं और जेंडर संवेदनशीलता को अपनाकर वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

मातृभाषा हिंदी के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने दैनिक कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में हिंदी भाषा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें महिलाओं के योगदान को समझते हुए उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने चाहिए।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक गुरमीत सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सीएलएफ सदस्यों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, जिससे वे जेंडर मुद्दों को बेहतर तरीके से समझकर अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें और समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दौरान सुनीता ट्रेनर, आशीष खंड कार्यक्रम प्रबंधक, मंजू क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, मंच संचालक सौरभ अरोड़ा तथा योगेश कुमार सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।