रोहतक में 27 करोड़ रुपये की परियोजना से जल सुरक्षा होगी सुदृढ़ः डीसी सचिन गुप्ता

उपायुक्त ने जल घर नं. 3 एवं मकडौली गांव स्थित एसटीपी का किया निरीक्षण

रोहतक में 27 करोड़ रुपये की परियोजना से जल सुरक्षा होगी सुदृढ़ः डीसी सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि शहरी अवसंरचना को मजबूत बनाने और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में रोहतक जिला प्रशासन द्वारा पेयजल आपूर्ति प्रणाली एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जलघर संख्या-3 के निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहर में पानी छोड़े जाने की अवधि के दौरान अधिकतम जल भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा उपलब्ध अवसंरचना का सर्वोत्तम उपयोग किया जाए। हमारा उद्देश्य केवल वर्तमान मांग को पूरा करना नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत और टिकाऊ अवसंरचना विकसित करना भी है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिससे नागरिकों को पर्याप्त, सुरक्षित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके, विशेषकर गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के दौरान।

उन्होंने कहा कि रोहतक शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने के लिए 27 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है, जिसके तहत शहर के सबसे पुराने जलघर ढांचे का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत उच्च क्षमता वाले नए जलाशय का निर्माण तथा विभिन्न परिचालन प्रणालियों का उन्नयन किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद लगभग ढाई दिन के अतिरिक्त जल भंडारण की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे आपूर्ति में उतार-चढ़ाव, मरम्मत कार्यों, आपातकालीन परिस्थितियों तथा अधिक खपत वाले समय में भी जल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त ने कहा कि परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक वर्तमान खुली जल नहर को आधुनिक पाइपलाइन प्रणाली से प्रतिस्थापित करना है, जिसके माध्यम से जलघर तक कच्चे पानी की आपूर्ति की जाती है। इसके लिए 4.5 किलोमीटर लंबी तथा 900 मिमी व्यास की ट्रांसमिशन पाइप लाइन बिछाई जाएगी, जिससे कच्चा पानी एक सुरक्षित एवं बंद प्रणाली के माध्यम से सीधे जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। नई पाइपलाइन से कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे, जिनमें जल हानि में कमी, जल गुणवत्ता की बेहतर सुरक्षा, परिचालन दक्षता में वृद्धि, प्रदूषण की संभावना में कमी, आपूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता में सुधार तथा भविष्य के शहरी विस्तार के अनुरूप बेहतर प्रबंधन शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जल की बढ़ती मांग को देखते हुए समय रहते मजबूत अवसंरचना विकसित करना और सार्वजनिक सुविधाओं में निवेश करना आवश्यक है। उपायुक्त ने मकडौली स्थित 15 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी दौरा किया और अपशिष्ट जल शोधन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयंत्र का संचालन पूरी दक्षता के साथ किया जाए तथा सभी पर्यावरणीय एवं उपचार मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य ऐसी जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है, जो विश्वसनीय, प्रभावी और तेजी से विकसित हो रहे शहर की आकांक्षाओं के अनुरूप हो। इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता शिवराज, कार्यकारी अभियंता संदीप सिंह व संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।