जीवन का आधार है जल, जल संरक्षण समय की आवश्यकताः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
राम राम हरियाणा कार्यक्रम में शून्य अपशिष्ट दिवस पर चर्चा।
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। वर्तमान समय में जल प्रदूषण और जल की बर्बादी गंभीर चिंता का विषय है, जिसे सामूहिक प्रयासों से ही रोका जा सकता है। ये बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे राम-राम हरियाणा कार्यक्रम में जीरो वेस्ट डे पेयजल संरक्षण के सवाल पर प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कचरे को न्यूनतम करने का आह्वान भी किया।
डॉ. चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की आवाज़ को मंच प्रदान करना और गांवों से जुड़ी समस्याओं, सुझावों व सकारात्मक पहलुओं को साझा करना है। इस दौरान शामगढ़ की सरपंच गुल ढिल्लों ने गांव में पेयजल की स्थिति में सुधार के लिए किए गए सरकार और पंचायत के प्रयासों का विवरण दिया। सुल्तानपुर के सरपंच जसमेर चौहान सहित अन्य गांवों के सरपंचों ने भी कार्यक्रम में अपने-अपने गांवों के विकास कार्यों, उपलब्धियों और चुनौतियों के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम में श्रोताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जल संकट आज केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि भूमिगत जल का गिरता स्तर, जल स्रोतों का प्रदूषण और जल का असंतुलित उपयोग भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत हैं। उन्होंने जोर दिया कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण की आदतों को अपनाना और स्वच्छता पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। यदि समय रहते हम जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को जल की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए आज से ही जल बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे जल का सम्मान करें, उसका संरक्षण करें और स्वच्छ जल को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से वरिष्ठ सलाहकार गुरबिंदर सिंह, अपना रेडियो 91.2 एफएम से प्रीतम यादव, रेडियो वितस्ता 90 एफएम अंबाला से भारत सोपोरी सहित अन्य शामिल हुए।

Girish Saini 

