14% वार्षिक दर से बढ़ रहा है भारत का भू-स्थानिक क्षेत्रः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ
इसरो कार्यक्रम में एआई और ड्रोन तकनीक में क्षमता निर्माण पर दिया जोर।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग में आयोजित वैज्ञानिक एवं संकाय विकास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एनएनआरएमएस)-इसरो प्रायोजित इस कार्यक्रम में देशभर के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों ने भाग लिया।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति-2022 : चुनौतियां और अवसर विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत तेजी से भू-स्थानिक (जियोस्पेशियल) तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि देश का जियोस्पेशियल इकोसिस्टम करीब 14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर से आगे बढ़ रहा है और इसकी आर्थिक क्षमता 60 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।
वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति-2022 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, ड्रोन तकनीक और डेटा विज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों में शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा दे रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें तकनीक-सक्षम, नवाचारी और रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एकीकृत भू-स्थानिक सूचना ढांचे (यूएनजीजीआईएम-आईजीआईएफ) को अपनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विश्वसनीय और एकीकृत डेटा तंत्र विकसित करना अब भी चुनौती है। इसके लिए संस्थागत सहयोग, बेहतर संवाद, क्षमता निर्माण और वैश्विक स्तर पर साझेदारी बढ़ाने की आवश्यकता है।
प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि भारत को मजबूत भू-स्थानिक व्यवस्था बनाने के लिए तकनीकी निवेश के साथ-साथ संस्थागत सोच में भी बदलाव लाना होगा, ताकि नवाचार, मानकीकरण और सहयोग की संस्कृति विकसित हो सके। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ आर.पी. सिंह ने की। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हरीश शंकर श्रीवास्तव, डॉ अनिल कुमार, शेफाली अग्रवाल सहित इसरो के अनेक वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।

Girish Saini 

