कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने आमजन से किया अंगदान के लिए आगे आने का आह्वान

सोटो का वार्षिक कैलेंडर लॉन्च।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने आमजन से किया अंगदान के लिए आगे आने का आह्वान

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) का वार्षिक कैलेंडर लॉन्च किया। उन्होंने अंगदान और ऊतक प्रत्यारोपण के महत्व को बढ़ावा देने के लिए इस कैलेंडर को एक अहम कदम बताया।

कुलपति डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारत में हर साल लगभग 5 लाख लोग अंगों की अनुपलब्धता के कारण मर जाते हैं। इनमें से करीब 2 लाख लोग लिवर, 50000 लोग हृदय और 1.5 लाख लोग किडनी की बीमारी से मर जाते हैं, लेकिन एक व्यक्ति के अंगदान से 8 लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने आमजन का आह्वान किया कि वे अंगदान के लिए स्वयं आगे आएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अंगदान एक निस्वार्थ और मानवीय कार्य है।

कुलसचिव डॉ रूप सिंह ने कहा कि विवि अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है और इस कैलेंडर के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाएगा।

निदेशक डॉ एस.के. सिंघल ने कहा कि जनता को अंगदान के लिए प्रेरित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ये कैलेंडर प्रदेश भर के सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी भेजे जाएंगे, ताकि वहां ओपीडी में आने वाले मरीजों को अंगदान के प्रति जागरूक किया जा सके।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल ने कहा कि अंगदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए सभी को आगे आना चाहिए। सोटो प्रदेश में लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार मुहिम चला रहा है।

सोटो के नोडल अधिकारी ने बताया कि अंगदान के लिए पंजीकरण करना बहुत आसान है। इच्छुक लोग नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (नोटो) की वेबसाइट पर जाकर या अपने राज्य के ऑर्गन डोनेशन सेंटर पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर दीप्ति खरब ने बताया कि अंगदान का इच्छुक व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय स्थित स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के कमरा नंबर 17 में अंगदान के प्रति जानकारी प्राप्त कर सकता है व अंगदान का शपथ पत्र भर सकता है।

इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ एम.जी. वशिष्ठ, डीन डॉ अशोक चौहान, प्राचार्य डॉ संजय तिवारी, स्त्री रोग विभागाध्यक्षा डॉ पुष्पा दहिया, नोडल अधिकारी डॉ सुखबीर सिंह आदि मौजूद रहे।