शिक्षा का लक्ष्य मात्र डिग्री प्राप्ति नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण होः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
डीएवी कॉलेज में नव वर्ष पर विचार गोष्ठी में स्वदेशी को महत्व देने का संकल्प।
पुंडरी, गिरीश सैनी। आर्य समाज केवल एक संगठन नहीं बल्कि राष्ट्रवाद का शंखनाद करने वाली विचारधारा है। ऋषि दयानंद के आर्य समाज ने अंग्रेजों से मुक्ति के संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ समाज को कुरीतियों से मुक्त करने का मार्ग दिखाया। ये बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने डीएवी कॉलेज, पुंडरी में आर्य समाज स्थापना दिवस के उपलक्ष्य आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ के साथ किया गया। प्राचार्य डॉ. राजेश तुरान ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बनना है। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन में सत्य, अनुशासन और परिश्रम को अपना कर समाज सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि ने इस दौरान उपस्थित जन को हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने हस्ताक्षर हिंदी में करने चाहिए तथा अपने संस्थानों और कार्यालयों में नाम पट्टिकाएं भी हिंदी में लगानी चाहिए। इससे न केवल हमारी मातृभाषा का सम्मान बढ़ेगा, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।
निदेशक डॉ चौहान ने महात्मा हंसराज और स्वामी श्रद्धानंद के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किए। उन्हीं आदर्शों पर आधारित डीएवी संस्थान वैदिक शिक्षा और आधुनिक ज्ञान का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। उन्होंने सभी को हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि ये नया वर्ष हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उन्नति लेकर आए।
प्राचार्य डॉ. राजेश तुरान ने आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को आर्य समाज के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कृष्ण आर्य (निदेशक, आर्य विद्यापीठ बस्तली), अनिल आर्य (प्रधान, आर्य समाज पुंडरी), संदीप आर्य (प्रधान, आर्य समाज बरसाना), नरेश (निदेशक, आर्य विद्यापीठ मुन्नहेरी), जगदीश कवातरा, सर्जन सिंह, योगेश कुमार, दीपक आर्य एवं सौरभ अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

