बैंकिंग व्यवस्था का केंद्र ग्राहक और वित्तीय साक्षरता होः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था का केंद्र ग्राहक होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाना समय की जरूरत है, ताकि लोग बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय योजनाओं का समझदारी से लाभ उठा सकें।
कुलपति प्रो. पूनियाँ ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की राजीव चौक शाखा के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं को आम आदमी तक सरल तरीके से पहुंचाने के साथ ग्राहकों में वित्तीय जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। बैंकिंग सुविधाएं जितनी सहज होंगी, उतने अधिक लोग औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ेंगे।
कार्यक्रम में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, गुरुग्राम के डिप्टी जोनल मैनेजर सनोज कुमार ने बैंक की विकास यात्रा, उपलब्धियों और विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक बदलते समय के अनुरूप सेवाओं को बेहतर और ग्राहक केंद्रित बनाने के लिए प्रयासरत है। राजीव चौक शाखा प्रभारी प्रदीप सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान वरिष्ठ प्रबंधक दीपक पोरिया सहित बैंक अधिकारी-कर्मचारी और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
Girish Saini 

