शिक्षक ज्ञान से आगे, जीवन की दिशा देते हैं : डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान

शिक्षक ज्ञान से आगे, जीवन की दिशा देते हैं : डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान

करनाल, गिरीश सैनी। अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में निगधू स्थित गीता विद्या मंदिर में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षक की भूमिका और भारतीय शिक्षा व्यवस्था में गुरु के महत्व से अवगत कराया गया।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व, संस्कार और जीवन-दृष्टि का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सम्मानजनक रहा है और शिक्षकों का सम्मान हमारी महत्वपूर्ण परंपरा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाषा महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, विचार और पहचान की वाहक है। विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ उसके मान-सम्मान के प्रति भी सजग रहना चाहिए।

विद्यालय पहुंचने पर हिंदू शिक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष हरभजन सिंह ने डॉ. चौहान का स्वागत किया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य संदीप भारद्वाज भी मौजूद रहे। प्राचार्य सोमनाथ शर्मा ने अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के साथ ऐसे संवाद उनके व्यक्तित्व विकास और भारतीय संस्कारों को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षक, गुरु-शिष्य परंपरा और हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार साझा किए।