दर्शकों को लुभा रही सुपवा की कला प्रदर्शनी अभिव्यंजना
फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के 300 से अधिक छात्रों की दो हजार से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित।
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी –अभिव्यंजना दर्शकों विशेषकर युवा वर्ग को लुभा रही है। रचनात्मकता का उत्सव यह प्रदर्शनी विचारों, भावनाओं व कल्पनाओं का जीता-जागता संगम है। फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के अंतर्गत आने वाले पांच प्रमुख विभागों- एप्लाइड आर्ट, स्कल्पचर, एनीमेशन, पेंटिंग, प्रिंट मेकिंग के करीब 300 से अधिक छात्रों की दो हजार से अधिक कलाकृतियां यहां प्रदर्शित की गई हैं।
कला प्रदर्शनी में एनीमेशन के छात्रों ने आधुनिक तकनीक व अपनी कल्पना का शानदार नमूना प्रस्तुत करते हुए कैरेक्टर डिजाइन, थ्री-डी मॉडल, फिल्म एनीमेशन, एनिमेटेड वेपन, व्हीकल, रोबोट आदि को दिखाया है। वहीं, एप्लाइड आर्ट विभाग के छात्रों ने विज्ञापन, ग्राफिक डिजाइन व विजुअल कम्युनिकेशन के माध्यम से समकालीन विषयों को प्रभावशाली तरीके से उकेरा है। कंप्यूटर व मैनुअल तरीके से तैयार इस आर्ट में छात्रों ने सामाजिक, मनोरंजन व पारंपरिक विषयों पर अपनी सोच को नए अंदाज में प्रस्तुत किया है। महिलाओं की आजादी की कहानियों को टाइपोग्राफी के माध्यम से दीवार पर दिखाया गया है।
पेंटिंग विभाग की कलाकृतियां में छात्रों ने कैनवास पर रंगों का जादू उकेरा है। सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक व पारंपरिक संदेशों को वाटर कलर, एक्रिलिक कलर, पोस्टर मेकिंग, पोर्ट्रेट, कैलीग्राफी के माध्यम से छात्रों ने दिखाया है। स्कल्पचर विभाग के छात्रों ने आम इस्तेमाल में होने वाली चीजों से ही मूर्तियां, स्ट्रक्चर व अन्य सामान तैयार किए हैं। फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के एफसी विनय कुमार ने बताया कि स्कल्पचर (मूर्तिकला) आधुनिक व पारंपरिक आर्ट का संगम है। इसमें प्लास्टर, सीमेंट, क्ले, टेराकोटा, पीओपी, मिट्टी, लोहे, लकड़ी, कागज आदि आम इस्तेमाल में आने वाली चीजों से छात्रों ने अद्भुत कलाकृतियां प्रस्तुत की हैं। हरियाणा में इस्तेमाल होने वाले मिट्टी के बड़े बर्तन, पुरानी दीवारें व खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों को भी स्कल्पचर बनाने में इस्तेमाल किया गया है।
फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के सहायक प्रोफेसर शरद ने बताया कि छात्रों ने सबसे पुरानी कला प्रिंट मेकिंग की कलाकृतियां भी प्रदर्शित की हैं। पत्थर काटकर तैयार की जाने वाली ये कला सदियों पुरानी है। इसमें स्क्रीन प्रिंट, वुड कटिंग, इचिंग व धातुओं पर शानदार प्रिंट तैयार कर प्रदर्शित किए गए हैं। फाउंडेशन विभाग में के 95 से अधिक छात्रों ने टू डी आर्ट, थ्री डी आर्ट, टाइपोग्राफी, क्रिएटिव पेंटिंग, लाइफ स्टाइल पेंटिंग, आउटडोर पेंटिंग, टेक्निकल पेंटिंग पेश की हैं।
कुलपति डॉ अमित आर्य ने बताया कि ये प्रदर्शनी छात्रों द्वारा साल भर मेहनत कर तैयार की गई अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक शानदार मंच है। इस साल प्रदर्शनी का 11वां संस्करण आयोजित किया गया है। विभिन्न मापदंडों पर जांच करने व जज करने के बाद शानदार कलाकृति प्रदर्शित करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया जाता है। वीरवार को आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
अभिव्यंजना कलाकृतियों के प्रदर्शन के अलावा विभिन्न गतिविधियों के चलते भी दर्शकों को आकर्षित कर रही है। यहां ऑन द स्पॉट पोर्ट्रेट बनवाने के अलावा क्ले मॉडलिंग की वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही है। साथ ही, सायंकाल सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आनंद उठाया जा सकता है। कैलीग्राफी के माध्यम से अलग-अलग डिजाइन में हिंदी व अंग्रेजी में अपना नाम भी लिखवा सकते हैं।

Girish Saini 

