सुपवा के छात्रों ने किया कलरीपायट्टु का मंचन

11 दिवसीय कार्यशाला में सीखी दुनिया की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट्स विधा।

सुपवा के छात्रों ने किया कलरीपायट्टु का मंचन

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक के फिल्म एवं टेलीविजन फैकल्टी के अभिनय विभाग के छात्रों ने विवि परिसर में कलरीपायट्टु का मंचन किया। कलरीपायट्टु दुनिया की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट्स विधाओं में से एक है, जो केरल से निकल कर आगे बढ़ी।

एफटीवी के एफसी महेश टीपी ने बताया कि कलरीपायट्टु को सिखाने के लिए 11 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका संचालन कलरीपायट्टु के पेशेवर कलाकार, थिएटर प्रैक्टिशनर व मूवमेंट ट्रेनर अर्पित सिंह ने किया। उन्होंने केरल में पी. थंकप्पन अस्सान व पश्चिम बंगाल में अनिल अलेस्सांद्रो बिस्वास आदि प्रसिद्ध गुरुओं के अधीन प्रशिक्षण लिया हुआ है। उन्होंने शरीर, श्वास, गति और प्रदर्शन के बीच के संबंधों पर वर्षों तक शोध किया है। मुंबई में कलारी वारियर्स के संस्थापक के तौर पर अर्पित सिंह ने देश के विभिन्न हिस्सों व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाएं लगाई हैं, जिनमें पारंपरिक मार्शल आर्ट्स को थिएटर, शारीरिक कहानी कहने व समकालीन प्रदर्शन प्रथाओं के साथ मिलाया गया है। कलरीपायट्टु भारतीय रंगमंच, नृत्य व सिनेमा पर प्रभाव डालता है, और यह शक्ति, परंपरा व आंतरिक सामंजस्य का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।

ट्रेनर अर्पित सिंह ने बताया कि कलरीपायट्टु सिर्फ लड़ाई की तकनीक ही नहीं है, बल्कि एक शक्तिशाली अनुशासन है जो युद्ध, लचीलापन, ध्यान, उपचार व आध्यात्मिक जागरूकता को मिलाता है। तरल, जानवर प्रेरित मूवमेंट व तीव्र शारीरिक प्रशिक्षण के लिए प्रसिद्ध कलरीपायट्टु संतुलन, ध्यान, चुस्ती और शरीर व मन पर नियंत्रण सिखाता है। इस कला में प्रशिक्षित योद्धा सशस्त्र और निःशस्त्र दोनों ही प्रकार के युद्ध में अद्भुत निपुणता और शास्त्रबद्धता के साथ महारत हासिल करते थे। 2022 बैच के छात्रों हंसा, अमन, भारती, प्रिंस, अरुण, यशवंत, अशोक, पुलकित, दिव्यांशु, निखिल, दीपा ने कलरीपायट्टु कार्यशाला के दौरान सीखी विधा का मंचन कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कुलपति डॉ अमित आर्य ने कहा कि छात्रों को भारतीय सिनेमा की जरूरत के मुताबिक तैयार करने के लिए जिन-जिन विधाओं को सिखाने की जरूरत है, उनमें पारंगत करने के लिए विवि में विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं। संस्थान का प्रयास है कि एक्टिंग के क्षेत्र में यहां के छात्र आगे चलकर देश व दुनिया में विवि व प्रदेश का नाम रोशन करें।