संकेतों की भाषा से समावेशी एमडीयू की ओर कदम

कार्यशाला में विद्यार्थियों-कर्मचारियों ने सीखी भारतीय सांकेतिक भाषा, संचार बाधाएं दूर करने पर जोर

संकेतों की भाषा से समावेशी एमडीयू की ओर कदम

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज द्वारा साइन लैंग्वेज डेफ वीक के तहत साइन लैंग्वेज फॉर ऑलः इंक्लूसिव एमडीयू विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। डीडीई कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने भारतीय सांकेतिक भाषा के मूलभूत संकेत सीखे।

बीपीएसएमवी, खानपुर की प्रो. पूनम पुनिया ने समावेशी शिक्षा और समाज की जरूरत पर प्रकाश डाला। उन्होंने समान अवसर, सहयोग और संवेदनशीलता को समावेशी वातावरण की आधारशिला बताया। डीन, इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज प्रो. नीलकमल ने अध्यक्षता की।

सीडीएस निदेशिका प्रो. प्रतिमा देवी ने कहा कि समावेशी वातावरण के लिए संचार संबंधी बाधाओं को दूर करना जरूरी है। तकनीकी सत्र में आईएसएल शिक्षकों रामनाथ सिंह, नीतेश शर्मा, मंसूफी अली व रागिनी तथा इंटरप्रेटर्स अनुराग, मनीषा रानी व आरती ने प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले संकेतों का अभ्यास कराया। कार्यशाला संयोजक प्रो. योगेंद्र सिंह रहे। अंत में प्रतिभागियों और संसाधन व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।