बच्चों में सामाजिक सद्भावना, अनुशासन एवं टीम भावना विकसित करते हैं खेलः प्रीति बंसल
34 वीं जिला बैडमिंटन प्रतियोगिता शुरू, 500 खिलाड़ी 5 दिनों तक रोमांचक मुकाबलों मे दिखाएंगे दम।
रोहतक, गिरीश सैनी। खेलों की मानसिक व बौद्धिक विकास में अहम भूमिका है। इसके साथ ही, विशेष रूप से बच्चों में सामाजिक सद्भावना, अनुशासन एवं टीम भावना विकसित करने में भी खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ये बात समाजसेविका प्रीति बंसल ने जिला बैडमिंटन एसोसिएशन (डी.बी.ए.), रोहतक द्वारा आयोजित 34 वीं जिला बैडमिंटन प्रतियोगिता के शुभारंभ सत्र में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन (डी.बी.ए.), रोहतक के तत्वावधान में 34 वीं जिला बैडमिंटन प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को स्थानीय आई.एम.टी. स्थित एस.आर.एस. पब्लिक स्कूल में हुआ। बतौर विशिष्ट अतिथि, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष अजय सिंघानिया ने शिरकत की।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि अजय सिंघानिया ने कहा कि हरियाणा के बैडमिंटन खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न स्पर्धाओं में पदक लाकर प्रदेश का नाम ऊंचा कर रहे है। उन्होंने एचबीए और बीएआई द्वारा खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने खिलाड़ियों के साथ ओपनिंग मैच खेलकर प्रतियोगिता की विधिवत शुरुआत की।
इससे पहले, डीबीए के अध्यक्ष यशपाल सिंह पंवार ने अतिथियों का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
जिलाध्यक्ष पंवार ने बताया कि प्रतियोगिता के पहले दिन अंडर-09, अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15 आयु वर्ग के लड़के और लड़कियों के प्रारंभिक दौर के क्वालीफाइंग मुकाबले हुए। इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता में लगभग 500 खिलाड़ीअपना दम-खम दिखाएंगे। विभिन्न वर्गों के विजेता आगामी प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में जिला रोहतक का प्रतिनिधित्व करेंगे।
उद्घाटन सत्र में डीबीए के कोषाध्यक्ष राजेंद्र मलिक, टूर्नामेंट कोऑर्डिनेटर रितेश दलाल, सचिव उमेद शर्मा, हरिओम चंदेल, गिरीश सैनी, डॉ. नीरज मलिक, डॉ. सुमित शर्मा, ऋषिराज, पवन सोलंकी, गुलशन बजाज सहित खिलाड़ी, अभिभावक और शहर के खेल प्रेमी मौजूद रहे।

Girish Saini 

