सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जन निगरानी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया है सामाजिक अंकेक्षणः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज

सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जन निगरानी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया है सामाजिक अंकेक्षणः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। सामाजिक अंकेक्षण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जन-जन की सतत निगरानी की एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सरकारी धन के पारदर्शी और उचित उपयोग के प्रति समाज का विश्वास सुदृढ़ किया जा सकता है। ये उद्गार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने दो दिवसीय सामाजिक अंकेक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।

डॉ. चौहान ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, इसके लिए आवश्यक है कि अधिकारी और कर्मचारी ग्राम्य समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरे मनोयोग और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जब गांव का समाज स्वयं योजनाओं की निगरानी में भागीदारी करता है, तभी पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होती है और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक कामकाज में राजभाषा हिंदी का शत-प्रतिशत उपयोग करने का स्वभाव विकसित करें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रशासनिक कार्यों में गुलामी के अवशेष के रूप में मौजूद अंग्रेज़ी के अनावश्यक प्रभाव और प्रभुत्व को समाप्त किया जाए और हिंदी को व्यवहार और कार्यप्रणाली की स्वाभाविक भाषा बनाया जाए।

इस दौरान कार्यक्रम संयोजक डॉ. वजीर सिंह दुहन तथा सहायक आचार्य डॉ. सुशील मेहता मौजूद रहे। कार्यक्रम में गुड़गांव मंडल के विभिन्न जिलों से आए अधिकारी और कर्मचारी सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, उद्देश्य और व्यावहारिक पहलुओं के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।