दोआबा कॉलेज में “डिज़ाइन थिंकिंग’’ पर सैमीनार आयोजित

दोआबा कॉलेज में “डिज़ाइन थिंकिंग’’ पर सैमीनार आयोजित
दोआबा कॉलेज में आयोजित सैमीनार में डॉ. आशुतोष शर्मा उपस्थिति को सम्बोधित करते हुए ।

जालन्धर, 4 अप्रैल 2026: दोआबा कॉलेज के बॉटनी विभाग द्वारा कॉलेज के इंस्टीच्यूशनल इनोवेशन कांऊसिल के सहयोग से “डिज़ाइन थिंकिंग” विषय पर सैमीनार का आयोजन किया गया । इसमें डॉ. आशुतोष शर्मा- ऐग्रीवकल्चरल साईंस विभाग डीएवी यूनिवर्सिटी बतौर रिसोर्स पर्सन उपस्थित हुए । जिनका हार्दिक अभिनंदन प्रि. डॉ. प्रदीप भण्डारी, डॉ. राकेश कुमार-बोटनी विभागाध्यक्ष व प्राध्यापकों ने किया । 
डॉ. आशुतोष शर्मा ने स्पष्ट किया कि एक प्रभावी डिज़ाइन सदैव उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुरूप होता है, संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करता है तथा लागत और प्रयास को न्यूनतम करता है । उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचारी सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति किसी वस्तु एवं सिस्टम का सृजन, संशोधन या सुधार करता है, वह वास्तव में एक डिज़ाइन थिंकर होता है । साथ ही, उन्होंने डिज़ाइन थिंकिंग के मूल तत्वों पर प्रकाश डालते हुए यह भी बताया कि सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि लोगों की वास्तविक आवश्यकताएँ क्या हैं और उन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कौन-सी उपयुक्त तकनीक अपनाई जानी चाहिए । उन्होंने बताया कि डिज़ाइन केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कार्यक्षमता और दक्षता भी शामिल होती है । 
प्रि. डॉ. प्रदीप भण्डारी ने कहा कि आज के तेजी से बदलते समय में डिज़ाइन थिंकिंग एक अत्यंत महत्वपूर्ण कौशल है, जो विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और अनुकूलन क्षमता का विकास करता है । उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ सैद्धांतिक ज्ञान और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करती हैं, जिससे विद्यार्थी वास्तविक जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार होते हैं ।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा जानवी ठाकुर ने किया गया । धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. अश्विनी कुमार-जोलोजी विभागाध्य ने प्रस्तुत किया।