स्कूली छात्रों ने किया आईएचटीएम का शैक्षणिक भ्रमण, स्टार्टअप्स, उद्यमिता और वैश्विक करियर अवसरों की जानकारी प्राप्त की
रोहतक, गिरीश सैनी। करियर चयन के प्रति जागरूकता और भविष्य की संभावनाओं से परिचित होने के उद्देश्य से एक निजी स्कूल के विद्यार्थियों के एक दल ने एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (आईएचटीएम) का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
विद्यार्थियों ने संस्थान के विभिन्न प्रशिक्षण किचन, लैब्स और टूरिज्म से जुड़े कार्यक्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्हें बताया गया कि हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म एक ऐसा क्षेत्र है जो न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी करियर के व्यापक अवसर प्रदान करता है।
संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने विद्यार्थियों को हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में तेजी से बढ़ते रोजगार और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र केवल होटल या पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि फूड स्टार्टअप, ट्रैवल टेक्नोलॉजी, इवेंट मैनेजमेंट, वेलनेस टूरिज्म, हॉस्पिटल फूड सर्विसेज और क्लाउड किचन जैसे अनेक नए क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है।
विद्यार्थियों ने एमडीयू फूड पार्क में स्थित समावेशी फूड ट्रक स्टार्टअप डैफेटेरिया और मोयो इन्क्यूबेटर का भी भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने स्टार्टअप्स की कार्यप्रणाली को समझा। इस दौरान विद्यार्थियों को भारतीय सांकेतिक भाषा की भी जानकारी दी गई। फैकल्टी सदस्य डॉ. अनूप ने बताया कि टूरिज्म वर्ष भर चलने वाला व्यवसाय है, जिसमें अकादमिक और इंडस्ट्री दोनों क्षेत्रों में करियर की अपार संभावनाएं हैं। डॉ. संजीव ने होटल, हॉस्पिटल और सेवा क्षेत्रों में गेस्ट सर्विसेज, कम्युनिकेशन और ग्राहक अनुभव से जुड़ी भूमिकाओं की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। डॉ. शिल्पी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली और राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास बढ़ती बैंकेट हॉल, ढाबों और फूड आउटलेट्स की संख्या देश में हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर की मजबूत मांग को दर्शाती है। स्कूल प्राचार्या एवं निदेशक डॉ. ममता मलिक ने विवि प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
Girish Saini 

