विश्व जैव-विविधता दिवस पर स्कूली छात्रों को किया जागरूक
रोहतक, गिरीश सैनी। विश्व जैव-विविधता दिवस पर एमडीयू द्वारा गोद लिए गांव माड़ौधी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड एनवायरनमेंट डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को जैव-विविधता संरक्षण का संदेश देते हुए एमडीयू के आउटरीच कार्यक्रम समन्वयक एवं कैम्पस फॉरेस्ट्री एंड प्लांटेशन ड्राइव के निदेशक प्रो. सुरेन्द्र यादव ने कहा कि जैव-विविधता केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने भारत की समृद्ध जैव विविधता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत जैव विविधता के मामलों में एक धनी देश है। उन्होंने हरियाणा की समृद्ध जैव-विविधता का उल्लेख करते हुए बताया कि अरावली क्षेत्र, शिवालिक पहाड़ियां, सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, भिंडावास पक्षी विहार और गांवों के जोहड़ व बणी जैव-विविधता के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। जाल, जांटी, पीपल, नीम, जामुन और बरगद जैसे देशी वृक्ष पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन का संतुलन जैव-विविधता पर टिका है। भोजन, शुद्ध हवा, स्वच्छ जल और औषधियों का प्रमुख स्रोत प्रकृति ही है। यदि पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो इसका सीधा असर मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर पड़ेगा। उन्होंने इस वर्ष की थीम एक्टिंग लोकली फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने, पौधरोपण करने और जैव-विविधता संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
प्राचार्य डॉ. गोपाल कृष्ण ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण की समझ विकसित करते हैं।

Girish Saini 

