हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तैयार पीजीआईएमएस, रोहतक

आपातकाल विभाग में मरीजों के लिए 12 अलग बेड की व्यवस्था।

हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तैयार पीजीआईएमएस, रोहतक

रोहतक, गिरीश सैनी। भीषण गर्मी, हीट स्ट्रोक सहित डेंगू के अचानक से अधिक मरीज आने पर भी किसी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में पीजीआईएमएस, रोहतक ने पूरी तैयारी कर ली है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल ने सोमवार को आपातकाल विभाग का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कुलपति डॉ. अग्रवाल के स्पष्ट निर्देश हैं कि संस्थान में आने वाले हर मरीज को सम्मान, संवेदना और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने सोमवार को अधिकारियों की टीम के साथ आपातकाल विभाग के गहन निरीक्षण के दौरान कहा कि आपातकाल, ट्रॉमा और ओपीडी को प्राथमिकता क्षेत्र घोषित किया गया है। अगले दो महीने में इन विभागों में सुधार के ठोस परिणाम दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि आपातकाल विभाग में हीट स्ट्रोक और डेंगू के लिए विशेष व्यवस्था की गई। मरीजों के लिए अलग से 12 बेड बढ़ाए गए हैं, ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके और यदि डेंगू के मरीज आते हैं तो उनको भी किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए। उन्होंने आपातकाल विभाग में अधिकतम दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डॉ. मित्तल ने बताया कि आपातकाल में दो कमरों को ट्राइएज रूम बनाया गया है, जहां मरीजों की स्क्रीनिंग होगी। हल्की स्थिति वाले मरीजों को शुरुआत में ही दवा देकर राहत दी जाएगी, जबकि गंभीर मामलों को वरिष्ठ डॉक्टर देखेंगे। इससे मरीजों का समय बचेगा और इलाज में तेजी आएगी। गंभीर मरीजों के ब्लड सैंपल स्ट्रेचर पर ही लिए जाएंगे, जिससे आपात स्थिति में देरी न हो। उन्होंने कहा कि पूर्णतः वातानुकूलित एडवांस हीट स्ट्रोक रूम तैयार किया गया है। इस दौरान डॉ सुखबीर सिंह, डॉ रोहित, डॉ महेश माहला, जेई आशीष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।