ब्रेस्ट कैंसर की जंग में पैथोलॉजी रिपोर्ट सबसे अहम, एक चूक बदल सकती है इलाज की दिशाः कुलपति डॉ अग्रवाल
ब्रेस्ट पैथोलॉजी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आगाज; विशेषज्ञों ने कम उम्र में बढ़ते मामलों पर जताई चिंता
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि (यूएचएसआर) में शनिवार को दो दिवसीय ब्रेस्ट पैथोलॉजी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। सुश्रुत ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया। इस कॉन्फ्रेंस में 16 राज्यों के करीब 50 मेडिकल कॉलेजों से 400 डेलीगेट भाग ले रहे हैं।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर वैश्विक चुनौती बन चुका है और अब कम उम्र की युवतियों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट पैथोलॉजी में डायग्नोसिस ही केयर है, क्योंकि पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर ही सर्जन और ऑन्कोलॉजिस्ट मरीज के उपचार की दिशा तय करते हैं। ट्यूमर का आकार, ग्रेड और हार्मोन रिसेप्टर स्टेटस जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां पैथोलॉजिकल जांच से निर्धारित होती हैं। ऐसे में रिपोर्ट की सटीकता सीधे मरीज के उपचार को प्रभावित करती है।
उन्होंने अमेरिका से आए ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. कमलजीत सिंह और डॉ. विदु कौशिक का स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी से विद्यार्थियों और चिकित्सकों को कठिन मामलों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने युवा पीजी छात्रों से कॉन्फ्रेंस का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्षा एवं आयोजन अध्यक्षा डॉ. सुनीता सिंह ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य उन्नत पैथोलॉजी तकनीकों के माध्यम से बेहतर मरीज देखभाल सुनिश्चित करना है। दो दिन में स्लाइड आधारित प्रशिक्षण, नवीन तकनीकों और जटिल डायग्नोस्टिक मामलों पर चर्चा होगी। हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने कॉन्फ्रेंस को आठ क्रेडिट ऑवर प्रदान किए हैं।
आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार ने बताया कि विशेषज्ञों ने 25-35 वर्ष की युवतियों में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर मामलों पर चिंता जताई। देर से विवाह और मातृत्व, कम स्तनपान, मोटापा, जंक फूड, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और पारिवारिक कैंसर इतिहास को प्रमुख जोखिम कारकों में बताया गया।
डॉ. रजनीश कालरा, डॉ. वीना गुप्ता, डॉ. मीनू गिल, डॉ. सतप्रकाश कटारिया, डॉ. सुमिति गुप्ता, डॉ. सोनिया छाबड़ा, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. प्रोमिल जैन, डॉ. रेणुका वर्मा, डॉ. रिचा व डॉ. उषा ने आयोजन सहयोग किया।
इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुधीर अत्री, हरियाणा मेडिकल काउंसिल से डॉ. मंदीप सचदेवा, डॉ. निशा मारवाह, प्रिंसिपल पीजीआईडीएस डॉ. मनु राठी, जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ मंजूनाथ बी.सी. सहित अन्य सीनियर फैकल्टी, एसआर और रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।

Girish Saini

