विकास का कोई भी मॉडल प्रकृति के विनाश पर आधारित नहीं हो सकता: सीएम नायब सिंह सैनी
जीजेयू के नर्सिंग ब्लॉक का नाम पूर्व सीएम भजन लाल के नाम पर रखा जाएगा।
हिसार, गिरीश सैनी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि भारतीय संस्कृति ने दुनिया को संदेश दिया है कि विकास का कोई भी मॉडल प्रकृति के विनाश पर आधारित नहीं हो सकता। माता अमृता देवी तथा उनके साथ 363 वीर बिश्नोईयों का बलिदान मानव सभ्यता के लिए सर्वोच्च नैतिक साहस का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि में निर्मित माता अमृता देवी सर्कल एवं खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प के लोकार्पण तथा नर्सिंग ब्लॉक व गर्ल्स हॉस्टल भवन के शिलान्यास करने के उपरांत आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। लोकार्पण के दौरान संरक्षक, बिश्नोई समाज एवं पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई भी पहुंचे। समारोह में हिसार की विधायक सावित्री जिंदल, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, हांसी के विधायक विनोद भ्याना, पूर्व केबिनेट मंत्री डा. कमल गुप्ता, स्वामी डा. सच्चिदानंद आचार्य, फतेहाबाद के पूर्व विधायक दूड़ा राम, मेयर प्रवीन पोपली व भाजपा जिला अध्यक्ष डा. आशा खेदड़ भी मौजूद रहे। समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सम्बोधन में कहा कि माता अमृता देवी सर्कल एवं खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प नई पीढ़ियों को सदियों तक प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करता रहेगा। गुरु जम्भेश्वर महाराज ने पर्यावरण से संबंधित भविष्य की चिंताओं को शताब्दियों पहले ही समझ लिया था। उन्होंने प्रकृति संसाधनों को जीवन का अंग, लोक कल्याण और धर्म का आधार बताया।
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन की सरकार हरियाणा को बुलंदियों पर ले जाने का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक व नैतिक मूल्यों के प्रति भी सजग बनाने का प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) भारत को महान वैश्विक शक्ति बनाने की ओर बड़ा कदम है। हरियाणा सरकार ने शोध व अनुसंधान के लिए विशेष योजनाएं तैयार की हैं। प्रदेश सरकार हर 20 किलोमीटर के दायरे में एक राजकीय महाविद्यालय की स्थापना कर रही है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर महाराज की शिक्षाओं को आज जीवन में अपनाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। फतेहाबाद के पूर्व विधायक दूड़ा राम ने कहा कि आज से लगभग 31 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल ने जीजेयू रूपी पौधा लगाया था।
विधायक रणधीर पनिहार व पूर्व विधायक दूड़ा राम द्वारा नर्सिंग ब्लॉक का नाम पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के नाम पर रखने के अनुरोध को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार कर दिया।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने स्वागत संबोधन किया। उन्होंने विवि की प्लेसमेंट, रैंकिंग, शैक्षणिक तथा अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं की जानकारी दी। स्वामी डा. सच्चिदानंद आचार्य ने आह्वान किया कि हर उत्सव पर एक पेड़ अवश्य लगाएं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरु जम्भेश्वर महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान का दौरा किया तथा परिसर में 363 बिश्नोई वीरों की स्मृति में पौधारोपण भी किया। उन्होंने कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई द्वारा पर्यावरण दर्शन पर लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया। समारोह में खेजड़ली महाबलिदान की गौरवगाथा को प्रदर्शित करने वाले अशोक राही द्वारा निर्देशित नाटक खेजड़ी की बेटी का मंचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जोधपुर के खामु राम बिश्नोई तथा बड़ोपल, फतेहाबाद के विनोद कुमार कड़वासरा को मधु भसीन मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
Girish Saini 


