जैव संकेतकों से पर्यावरण बदलावों की निगरानी जरूरी

जैव संकेतकों से पर्यावरण बदलावों की निगरानी जरूरी

रोहतक, गिरीश सैनी। वन्यजीव सप्ताह के तहत एमडीयू के जूलॉजी विभाग ने मंगलवार को जैव संकेतकों द्वारा जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य एवं जलवायु परिवर्तन की निगरानी विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

मुख्य वक्ता वी.पी. उनियाल ने कहा कि प्राकृतिक पर्यावरण में बदलावों को समझने और उनकी निगरानी में जैव संकेतकों की अहम भूमिका है। विभिन्न जीव-जंतु और पारिस्थितिकीय कारक पर्यावरणीय बदलावों के प्रभावी संकेतक हैं। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी अनुसंधान और पर्यावरणीय निगरानी को समय की जरूरत बताया।

प्रो. सुदेश रानी ने वक्ता के शैक्षणिक एवं शोध योगदान से परिचित कराया। व्याख्यान में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने जैव विविधता आकलन, पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर जानकारी हासिल की। प्रो. सुधीर कुमार कटारिया, प्रो. रंजना सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।