बायोगैस प्लांट के लिए एमडीयू ने किया एमओयू
रोहतक, गिरीश सैनी। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए एमडीयू ने विवि परिसर में बायोगैस प्लांट की स्थापना एवं संचालन के लिए साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की उपस्थिति में एमडीयू की ओर से कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत, साहस की ओर से निदेशक राजबीर सिंह ने और नवारंभव सोशल फाउंडेशन की ओर से कुणाल ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि यह साझेदारी विवि परिसर में उत्पन्न जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ-साथ स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करेगी। इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और विवि को हरित परिसर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि एमओयू के तहत साहस और नवारम्भव फाउंडेशन विवि परिसर में उत्पन्न जैविक कचरे से बायोगैस उत्पादन, तकनीकी सहयोग, संचालन एवं जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करेंगे। कार्यकारी अभियंता जेएस दहिया ने एमओयू बारे ब्रीफिंग देते हुए बताया कि इस परियोजना के तहत केपीएमजी द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के अंतर्गत 80 लाख रुपए की वित्तीय सहायता साहस को प्रदान की जाएगी। साहस द्वारा परियोजना का इम्प्लीमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग किया जाएगा, जबकि नवारम्भव सोशल फाउंडेशन ऑन-ग्राउंड एग्जीक्यूशन और बायोगैस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी निभाएगा।
इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.सी. मलिक, डीन सीडीसी प्रो. विनीता हुड्डा, प्रो. राजकुमार, प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, प्रो मुनीष गर्ग, पीआरओ पंकज नैन, कुलपति कार्यालय के अधीक्षक खैराती लाल तथा साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

