एमडीयू, आईसीएआर और आईएआरआई मिलकर बढ़ाएंगे कृषि आधारित स्टार्टअप्स
रोहतक, गिरीश सैनी। बदलते जलवायु परिदृश्य और रोजगार की चुनौतियों के बीच कृषि आधारित स्टार्टअप्स ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे। इसी दिशा में एमडीयू अब कृषि नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स का रोडमैप तैयार करेगा। इसके लिए एमडीयू भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) के सहयोग से संयुक्त पहल शुरू करने की तैयारी में है।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने आईसीएआर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोग्राम लीडर डॉ. रबी नारायण साहू, पूसा (नई दिल्ली) के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कृषि आधारित स्टार्टअप्स, नवाचार और युवाओं के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हुआ।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि भविष्य जलवायु परिवर्तन और उद्यमिता का है, ऐसे में कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर दे सकते हैं। उन्होंने डॉ. साहू से एमडीयू में जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया, ताकि प्रदेश के युवा बदलते कृषि परिदृश्य के अनुरूप नए अवसरों से जुड़ सकें।
डॉ. रबी नारायण साहू ने बताया कि उनकी संस्थान भारत की अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थान है, जिसकी भारत में हरित क्रांति समेत कृषि क्षेत्र विकास में अहम भूमिका है। उन्होंने एमडीयू को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल बायोइनफॉर्मेटिक्स, आईएएसआरआई (आईसीएआर) के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. सुनील कुमार, एमडीयू बायोइनफॉर्मेटिक्स विभाग के प्रो. डॉ. अजित कुमार, आईआईटी के वैज्ञानिक तथा निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी भी मौजूद रहे।
इस प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल से भी औपचारिक भेंट की और इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की। कुलसचिव ने उम्मीद जताई कि एमडीयू तथा आईएआरआई के मध्य एमओयू से भविष्य में विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

Girish Saini 

