एमडीयू-एकुम्स करार से फार्मेसी छात्रों को मिलेंगे इंडस्ट्री एक्सपोजर

इंटर्नशिप, औद्योगिक प्रशिक्षण और संयुक्त शोध के खुलेंगे रास्ते; पीएचडी शोधार्थियों को भी मिलेंगी शोध सुविधाएं

एमडीयू-एकुम्स करार से फार्मेसी छात्रों को मिलेंगे इंडस्ट्री एक्सपोजर

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू और एकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के बीच मंगलवार को विवि-उद्योग सहभागिता को मजबूत करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस करार से एमडीयू के फार्मेसी विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और संयुक्त शोध के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया की मौजूदगी में कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने विवि की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एकुम्स की ओर से एजीएम (मानव संसाधन) संजीव सिंह और एजीएम (न्यू प्रोजेक्ट्स) पूजा दास ने करार पर हस्ताक्षर किए।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने कहा कि उद्योग जगत के साथ इस तरह की सहभागिता विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण होगी। इससे उनके तकनीकी कौशल और रोजगारपरक क्षमता को मजबूती मिलेगी तथा इंटर्नशिप के अवसर बढ़ेंगे।

कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने एमओयू को विद्यार्थियों की प्रोफेशनल कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। डीन (आर एंड डी) प्रो. हरीश दुरेजा ने विवि की शोध गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप सिंह राणा ने कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर दिया।

एकुम्स की एजीएम पूजा दास ने कहा कि विद्यार्थियों को औद्योगिक परियोजनाओं और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। एजीएम संजीव सिंह ने कहा कि इंडस्ट्रियल एक्सपोजर विद्यार्थियों के करियर निर्माण में उपयोगी होगा।

फार्मास्यूटिकल साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक कौशिक ने बताया कि एमओयू के तहत संयुक्त शोध परियोजनाओं, पीएचडी शोधार्थियों को शोध सुविधाएं, एक्सचेंज प्रोग्राम और करियर मार्गदर्शन सत्रों का भी प्रावधान है।