गति के साथ गुणवत्ता को बनाएं कार्यमंत्रः एचआईआरडी निदेशक डॉ. चौहान
युवा अभियंता विकास परियोजनाओं में तकनीकी दक्षता और जिम्मेदारी को दें प्राथमिकता
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। नई पीढ़ी के अभियंताओं को कार्यों में गुणवत्ता और गति की संस्कृति अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
वे वीरवार को गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षु अभियंताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली में गति, गुणवत्ता और निरंतर निगरानी पर विशेष जोर दिखाई देता है। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और तकनीकी दक्षता के साथ करना चाहिए।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया गया। डॉ. चौहान ने कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा में गुणवत्ता, समयबद्धता और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया जाता है। सरकार की योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए प्रत्येक कार्य में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने प्रशिक्षु अभियंताओं से ‘गति के साथ गुणवत्ता’ को कार्य का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील मेहता ने बताया कि प्रशिक्षण में पंचायती राज विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं को विकास कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी निरीक्षण, निर्माण सामग्री, गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी मानकों के अनुपालन से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण के अरुण भाटिया ने नियमित निरीक्षण, मानकों के पालन और तकनीकी सतर्कता को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य संदीप कुमार सहित विभिन्न जिलों से आए कनिष्ठ अभियंता और अधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

