नवाचार को उद्यम से जोड़ें, समाज के समाधान बनाएं: कुलपति प्रो पूनियाँ
एमडीयू में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज जागरूकता कार्यक्रम
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विद्यार्थियों से नए विचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को करियर विकल्प बनाकर युवा देश की आर्थिक प्रगति में अहम योगदान दे सकते हैं।
वे बुधवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत एफडीसी में आयोजित सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन एमडीयू के सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) और छात्र कल्याण विभाग ने एमएसएमई, रोहतक के सहयोग से किया।
कुलपति ने कहा कि विवि में उद्यमिता को मुख्यधारा से जोड़ने और सामाजिक रूप से उपयोगी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने विचारों को धरातल पर उतारने को कहा।
कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि विद्यार्थियों के नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय में आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध है। उन्होंने कक्षा में अर्जित ज्ञान को समाजोपयोगी समाधान में बदलने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने पर जोर दिया।
डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की नवाचार व्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। सीआईआईई निदेशक प्रो. अजित कुमार ने मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता, विशेषज्ञों से संपर्क और बाजार तक पहुंच की सुविधाओं की जानकारी दी।
एमएसएमई, डीआईसी रोहतक और बैंक अधिकारियों ने स्टार्टअप, नवाचार व उद्यमिता से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने अपने नवाचार विचार साझा किए और उन्हें टिकाऊ सामाजिक समाधान में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा की।

Girish Saini

