उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए नवाचार और रणनीतिक नेतृत्व जरूरी: विशेषज्ञ
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के एफडीसी-एमएमटीटीसी द्वारा डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, फरीदाबाद के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह के एफडीपी के दूसरे दिन शैक्षणिक नेतृत्व, रणनीतिक योजना, नवाचार और संस्थागत सुशासन पर चार सत्र हुए।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर प्रो. राजकुमार ने शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने में नेतृत्व की भूमिका रेखांकित की। उन्होंने शिक्षकों व विद्यार्थियों में रचनात्मकता, पहल और नवाचार की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
सीबीएलयू, भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि स्पष्ट विजन, प्रभावी नेतृत्व और रणनीतिक योजना उच्च शिक्षा संस्थानों को उत्कृष्टता की ओर ले जाने के लिए आवश्यक हैं।
एल्सेवियर इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. संदीप संचेती ने बदलते उच्च शिक्षा परिदृश्य में दूरदर्शिता, अनुकूलन क्षमता, प्रभावी निर्णय और रणनीतिक क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण बताया। अंतिम सत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पर चर्चा हुई।

Girish Saini

