रोहतक में उद्योग-हितैषी एजेंडे को दिया जा रहा है बढ़ावाः उपायुक्त सचिन गुप्ता

सभी आईएमटी क्षेत्रों में व्यापक अवसंरचना उन्नयन की योजना।

रोहतक में उद्योग-हितैषी एजेंडे को दिया जा रहा है बढ़ावाः उपायुक्त सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने उद्योग-अनुकूल एवं सशक्त औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए रोहतक के तीनों इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) क्षेत्रों में अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक एवं समयबद्ध रोडमैप प्रस्तुत किया है। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों को स्थिर, कुशल एवं विकास-उन्मुख वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे विस्तार कर सकें और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो सके।


उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्थानीय आईएमटी स्थित एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर में आयोजित उच्च स्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा एचएसआईआईडीसी, नगर निगम, पुलिस, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।

 

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सभी आईएमटी क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल निकासी तथा आंतरिक सडक़ों सहित प्रमुख नागरिक एवं औद्योगिक अवसंरचना का योजनाबद्ध एवं समयबद्ध उन्नयन सुनिश्चित करेगा। क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत की जाएगी, स्पीड ब्रेकरों का युक्तिकरण होगा तथा सडक़ चिह्नांकन और संकेतक सुधारे जाएंगे। सभी आईएमटी क्षेत्रों में स्ट्रीट-लाइटिंग कार्यों को छह माह की समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हरित पट्टियों एवं साझा नागरिक सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।


उपायुक्त ने हिसार रोड स्थित आईएमटी क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि वहां सीवरेज, वर्षा जल निकासी और जल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को 15 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्यमियों की दैनिक संचालन संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों की प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों के त्वरित सुधार हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। सभी आईएमटी क्षेत्रों में संरचित दैनिक कचरा संग्रह व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक संगठनों से भी स्वच्छता एवं रखरखाव में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।


उपायुक्त ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए आईएमटी क्षेत्रों में सीसीटीवी कवरेज तथा पुलिस गश्त को सुदृढ़ किया जाएगा। औद्योगिक संपत्ति की चोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ढीली विद्युत लाइनों को दुरुस्त किया जाएगा, ट्रांसफार्मरों का नियमित रखरखाव होगा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। फेज-3 में प्रस्तावित पावर सब-स्टेशन, निर्माणाधीन ईएसआई अस्पताल, प्रस्तावित डिस्पेंसरी, सामुदायिक केंद्र तथा बाजार विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

 

रोहतक के आईएमटी क्षेत्रों की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को रेखांकित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इन क्षेत्रों को निवेश के लिए पूर्ण रूप से तैयार औद्योगिक जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट है कि उद्योगों को बुनियादी सुविधाओं की चिंता किए बिना उत्पादन और विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

 

औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन की समन्वित एवं समाधान-केंद्रित पहल का स्वागत किया और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान रोहतक आईडीसी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान एस.के. खटोड, राजेंद्र बंसल, अंकुश जैन, जे.एन. सचदेवा, जसमेर लाठर, संदीप नांदल सहित अन्य प्रतिनिधि, एमएसएमई तकनीकी सेंटर के वरिष्ठ प्रबंधक नरेश जैन, एचएसआईआईडीसी, डीआईसी तथा यूएचबीवीएन के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।