भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका सहरावत को सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सम्मानित किया

कहा, प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति फिर से लागू होगी।

भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका सहरावत को सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सम्मानित किया

रोहतक, गिरीश सैनी। 19वें एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली गांव भैंसरू खुर्द निवासी भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका सहरावत के सम्मान समारोह में बुधवार को सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने शिरकत की और उन्हें बधाई व भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। भारतीय महिला हाकी टीम ने एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता है।

 इस दौरान सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के गांव-गांव में खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। इसी को पहचानकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई खेल नीति से आज हमारे खिलाड़ी अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत का परचम लहरा रहे हैं।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति को तोड़-मरोड़ कर बंद कर दिया और पदक विजेता खिलाड़ियों को उनके हक से वंचित कर दिया। इस सरकार ने ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को भी नियुक्ति नहीं दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर खिलाड़ियों के मान-सम्मान और भविष्य की सुरक्षा प्रदान करने वाली ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति फिर से लागू की जाएगी। पदक विजेता खिलाड़ियों को उच्च पदों पर नियुक्ति और खेल कोटे में सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। स्कूल स्तर पर ही खिलाड़ियों को डाइट, भत्ते व कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी।

सांसद ने कहा कि खिलाड़ी हरियाणा की पहचान हैं और इस पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए हुड्डा सरकार ने उम्दा खेल नीति बनाकर लागू की। हुड्डा सरकार के समय शुरू की गई हरियाणा की खेल नीति को देश भर में मिसाल माना जाता है। इस नीति के तहत मेडल विजेता प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को सीधे डीएसपी व अन्य सम्मानजनक सरकारी पदों पर नौकरियां मिलने के कारण प्रदेश के युवाओं में खेल को करियर बनाने का नया जुनून तैयार हुआ था। जिसका परिणाम हुआ कि ओलंपिक, कामनवेल्थ, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने सबसे ज्यादा पदक जीतकर देश की झोली में डाले।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि गुजरात मॉडल की प्रशंसा करने वाले भाजपा के नेता क्या बतायेंगे कि एशियन गेम्स में गुजरात के कितने खिलाड़ियों ने मेडल जीते और हरियाणा के कितने खिलाड़ियों ने मेडल जीते। उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में कहा जाता था कि पढ़ोगे, लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे कूदोगे होगे खराब। हमने हरियाणा में उसको बदलने का प्रयास किया और कहा कि खेलोगे कूदोगे होगे लाजवाब और पढ़ोगे, लिखोगे होगे कामयाब। हुड्डा सरकार ने स्कूली बच्चों के लिये अनिवार्य ‘स्पैट’ नीति बनाई थी जिसके तहत शीर्ष प्रदर्शन करने वाले बच्चों को 1500-2000 रुपये का मानदेय मिलता था। हमारी सरकार ने ग्रामीण स्तर पर खेल स्टेडियमों की व्यवस्था की गयी, इनमें कोच आदि की नियुक्ति की गयी और बच्चों में शुरुआती उम्र से ही खेल प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया गया।