भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति को भी देवता माना गया हैः सीएम ओएसडी राज नेहरू
वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम में हुआ पर्यावरण संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चिंतन।
गुरुग्राम, गिरीश सैनी। गुरुग्राम विवि में सोमवार को आयोजित वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर गंभीर चिंतन व्यक्त किया गया। बतौर मुख्य वक्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू ने कहा कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा में प्रकृति को भी देवता का स्वरूप माना गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था, जिसे आज पुनः अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संकट पूरे विश्व के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचा तो हम बचेंगे, इसलिए हर व्यक्ति को पौधरोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी नैतिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने सभी को मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत शर्मा ने वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री के ओएसडी गजेंद्र फौगाट ने कहा कि पीएम मोदी का सपना देश स्वच्छ बनाना है, जिसमे सबसे पहले पर्यावरण संरक्षण है। इस दौरान पर्यावरण आयोग के साथ औद्योगिक इकाई आरवीआर इनोवेशन एलएलपी ने समझौता ज्ञापन भी साझा किया।
उपस्थित वक्ताओं एवं प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को प्रकृति संरक्षण की मुहिम से जुड़ना होगा। युवाओं को पर्यावरण जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाकर सतत विकास की दिशा में कार्य करना समय की मांग है। प्रदेशाध्यक्ष राजेश भारद्वाज ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान रेलवे बोर्ड के सदस्य अमित सिंह, मंडी गोविंदगढ़ से समाज सेवी ऋतिक अरोड़ा, संयोजक पुनीत ढल व उद्घोषिका प्रीति यादव को सम्मानित किया गया।
इस दौरान आयोग के ओएसडी हरेंद्र शर्मा, जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी बिजेंद्र, प्रो अशोक खन्ना, सदस्य कुलदीप शर्मा, रामेन्द्र शर्मा, विद्यासागर, राजबीर कौशिक, पवन अत्री सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

