हरियाणा प्राचीन सभ्यता का केंद्र, विकसित भारत@2047 में होगी अहम भूमिकाः कुलपति प्रो. पूनियाँ

एमडीयू में पुस्तक प्रदर्शनी और हरियाणा: कल, आज और कल विषय पर संवाद आयोजित

हरियाणा प्राचीन सभ्यता का केंद्र, विकसित भारत@2047 में होगी अहम भूमिकाः कुलपति प्रो. पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने कहा कि हरियाणा केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की पुरातन सभ्यता का केंद्र है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास वाला यह प्रदेश कृषि, खेल, सैन्य संगठन, उच्च शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य में भी हरियाणा की अहम भूमिका होगी।

कुलपति रविवार को हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में विवेकानंद पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हरियाणा के इतिहास, संस्कृति, साहित्य, लोककला और सैन्य विरासत पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने समाज में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

इस दौरान हरियाणा: कल, आज और कल विषय पर संवाद कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। कुलपति ने कहा कि प्रदेश में प्राचीन सभ्यता और आधुनिक विकास का सह-अस्तित्व है। उन्होंने लैंगिक समानता, समावेशी शिक्षा, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई।

कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने प्रदेशवासियों को हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं दीं। संवाद में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति, साहित्य, समाज और उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने किया।