1984 के सिख नरसंहार पर माफी मांगे कांग्रेस, लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाएः नितिन नबीन

रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व कर कांग्रेस पर बोला हमला; कहा, हारने पर ही याद आता है लोकतंत्र

1984 के सिख नरसंहार पर माफी मांगे कांग्रेस, लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाएः नितिन नबीन

रोहतक, गिरीश सैनी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1 नवंबर कांग्रेस के लिए राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि 1984 के सिख नरसंहार पर पश्चाताप और प्रायश्चित का दिन होना चाहिए। जिस पार्टी को सिखों के कत्लेआम के लिए आज तक माफी मांगने का साहस नहीं हुआ, वह आज लोकतंत्र बचाने का ढोंग कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनावी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

हरियाणा दिवस पर रविवार को रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत नितिन नवीन ने छोटूराम पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान से डी पार्क, मॉडल टाउन तक पदयात्रा का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी, हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, हरियाणा सरकार के मंत्री, विधायक एवं अन्य पदाधिकारी व भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांग्रेस पर परिवारवाद का हमला बोलते हुए नबीन ने कहा कि जिस पार्टी में एक परिवार का राज चलता है, वह देश को लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही है। राहुल गांधी को पहले कांग्रेस के भीतर लोकतंत्र स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का दोहरा चरित्र है। हिमाचल और कर्नाटक में जीत मिले तो लोकतंत्र की जीत और हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व बिहार में हार मिले तो लोकतंत्र खतरे में बताया जाता है।

मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के आरोपों पर नबीन ने दावा किया कि इनमें ढाई करोड़ मृतक, छह करोड़ स्थानांतरित और तीन करोड़ कथित घुसपैठिए हैं। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने की पैरवी क्यों कर रही है? उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह पदयात्रा जनादेश के सम्मान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती का संदेश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और हरियाणा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, जबकि विपक्ष अपनी राजनीतिक विफलता का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि रोहतक की पदयात्रा में उमड़ा जनसमूह विपक्ष की अराजक राजनीति के खिलाफ जनता की आवाज है।