चौथे यूएचएस कोर्स ऑफ एथिक्स इन्क्लूडिंग बायोएथिक्स का औपचारिक उद्घाटन

लगभग 250 पीजी छात्र ले रहे प्रशिक्षण। 

चौथे यूएचएस कोर्स ऑफ एथिक्स इन्क्लूडिंग बायोएथिक्स का औपचारिक उद्घाटन

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि में निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने चल रहे चौथे यूएचएस कोर्स ऑफ एथिक्स इन्क्लूडिंग बायोएथिक्स का मंगलवार को औपचारिक उद्घाटन किया। 

9 मई तक चलने वाले इस छह दिवसीय कोर्स के उद्घाटन अवसर पर निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि नैतिक मूल्य और व्यावसायिक आचरण ही चिकित्सा पेशे की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डॉक्टर-मरीज संबंध, सूचित सहमति, गोपनीयता और शोध नैतिकता जैसे विषयों की समझ हर स्वास्थ्यकर्मी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में विवि निरंतर छात्रों को नैतिक और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। डॉ. सिंघल ने कहा कि एथिक्स का ज्ञान छात्रों को पेशेवर जीवन की चुनौतियों से निपटने में मदद करता है और मरीजों के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराता है। 

कोर्स की आयोजक डॉ. आरती ने बताया कि इस कोर्स का उद्देश्य स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में चिकित्सा नैतिकता, रिसर्च एथिक्स, मेडिकल प्रोफेशनलिज्म तथा नैतिक निर्णय-निर्माण की गहन समझ विकसित करना है। छह दिनों में विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा केस-आधारित चर्चाएं और संवादात्मक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। डॉ आरती ने बताया कि इस बैच में लगभग 250 पीजी छात्र भाग ले रहे है। अभी तक इस कोर्स के माध्यम से करीब 950 छात्रों को एथिक्स एवं बायोएथिक्स के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। 

बतौर स्पीकर, डॉ. सविता वर्मा, डॉ. जितेंद्र जाखड़, डॉ. रीतू हुड्डा, डॉ. बीना और डॉ. कमल सिंह ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया।