जिम सप्लीमेंट्स और पेन किलर का ज्यादा इस्तेमाल किडनी के लिए खतरनाक साबित हो रहा

पानी या ताजे पेय पदार्थों को दें प्राथमिकताः डॉ. आशीष

जिम सप्लीमेंट्स और पेन किलर का ज्यादा इस्तेमाल किडनी के लिए खतरनाक साबित हो रहा

रोहतक, गिरीश सैनी। शरीर को संतुलित और स्वस्थ बनाए रखने में किडनियों का अहम रोल है। किडनी खून से वेस्ट प्रोडक्ट्स को फिल्टर कर शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखते हैं, साथ ही ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद के अलावा जरूरी मिनरल्स का संतुलन भी बनाए रखती हैं। लेकिन आधुनिक लाइफस्टाइल ने कुछ ऐसी आदतों को बढ़ावा दिया है जो धीरे-धीरे किडनी हेल्थ पर दबाव डाल रही हैं। खासकर, प्रोटीन सप्लीमेंट्स का नियमित इस्तेमाल, बार-बार पेनकिलर लेना और पैकेज्ड या मीठे ड्रिंक्स पर बढ़ती निर्भरता कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के किडनियों को नुकसान पहुंचा सकती है।

नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ, डॉ. आशीष नंदवानी के अनुसार आजकल जिम जाने वाले लोगों, एथलीट्स और वजन कम करने या मसल्स बनाने की कोशिश करने वालों के बीच प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल काफी आम हो गया है। शरीर के लिए प्रोटीन जरूरी है, लेकिन इसकी जरूरत से अधिक मात्रा भी समस्याएं पैदा कर सकती है। प्रोटीन लेने पर उसके मेटाबोलिज़्म से बनने वाले वेस्ट प्रोडक्ट्स को बाहर निकालने का काम किडनियां करती हैं। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर किडनियों को इन वेस्ट प्रोडक्ट्स को फिल्टर करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। स्वस्थ लोगों में कभी-कभार इसका इस्तेमाल आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक अधिक मात्रा में या बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स लेना किडनियों पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है। पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अनडायग्नोज्ड किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों में ये जोखिम ज्यादा होता है।

डॉ. आशीष का कहना है कि लोग पेनकिलर का इस्तेमाल सिरदर्द, शरीर दर्द या जोड़ों के दर्द में बिना ज्यादा सोचे-समझे कर लेते हैं, लेकिन कुछ प्रकार के पेन किलर का बार-बार या लंबे समय तक इस्तेमाल किडनियों तक पहुंचने वाले ब्लड फ्लो को कम कर किडनी टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकता है। ये दवाएं ज्यादा मात्रा में या लंबे समय तक बिना मेडिकल सुपरविजन के लेने पर एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी नामक स्थिति पैदा हो सकती है, जो लंबे समय तक पेनकिलर के उपयोग से होने वाले किडनी डैमेज का एक प्रकार है।

उन्होंने बताया कि पैकेज्ड ड्रिंक्स, जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और अन्य मीठे पेय पदार्थ भी किडनी हेल्थ के लिए एक छिपा हुआ खतरा बन रहे हैं। उनमें पाए जाने वाले अधिक मात्रा में शुगर, सोडियम, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा, कुछ कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन किडनी स्टोन बनने के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि सप्लीमेंट्स का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर और विशेषज्ञ की सलाह से ही करें। पेनकिलर को नियमित रूप से लेने से बचें और उन्हें केवल डॉक्टर के निर्देश पर ही इस्तेमाल करें। पैकेज्ड और ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स की मात्रा कम करें और उनकी जगह पानी या ताजे पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें। साथ ही नियमित हेल्थ चेक-अप, संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल को अपनाएं।