रोहतक में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सुपर 40 मॉडल- जेईई-नीट  कोचिंग का शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ

स्वैच्छिक कोष से 5 लाख रुपये की घोषणा। 

रोहतक में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सुपर 40 मॉडल- जेईई-नीट  कोचिंग का शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रोहतक में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए सुपर 40 कार्यक्रम को सरकारी शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह मॉडल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संसाधनों के अभाव से मुक्त कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं— जेईई-नीट के लिए तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी बच्चा अभाव में नहीं रहेगा और प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने स्थानीय हिसार रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुपर 40 कार्यक्रम के नए सत्र का शुभारंभ किया और कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने हेतु अपने स्वैच्छिक कोष से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड, कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग देना, विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाना तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है ताकि वे निजी कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

शिक्षा मंत्री ने सुपर 40 के प्रथम बैच के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी तैयारी का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी किसी से कम नहीं हैं। उनमें अपार प्रतिभा है। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम की है।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के सुपर 100 मॉडल से प्रेरित है। सुपर 40 उन विद्यार्थियों के लिए अवसर का मंच है, जो किसी कारणवश सुपर 100 का हिस्सा नहीं बन पाते। यहां उन्हें उसी स्तर की कोचिंग और तैयारी करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जेईई-नीट दोनों परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। इस 
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई (इंजीनियरिंग) -नीट (मेडिकल) दोनों परीक्षाओं के लिए अनुभवी सरकारी शिक्षकों द्वारा व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

उपायुक्त ने बताया कि अगले सत्र से कक्षा 11वीं व 12वीं के लिए एक वर्षीय कोर्स, दो वर्षों में स्ट्रक्चर्ड तैयारी मॉडल, एनसीईआरटी आधारित कॉन्सेप्ट बिल्डिंग, नियमित टेस्ट एवं प्रदर्शन मूल्यांकन लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को एम्स, आईआईटी जैसे संस्थानों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही यह धारणा समाप्त करना कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल निजी संस्थानों में ही उपलब्ध है। 

शिक्षा मंत्री ने रोहतक में निपुण हरियाणा मिशन और सुपर 40 जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक नवाचार नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि विकसित भारत अभियान में ग्रामीण क्षेत्र की भी विशेष भूमिका रहेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक अपनाकर कठिन परिश्रम से अपने लक्ष्य प्राप्त करें तथा ग्रामीण परिवेश में लोगों को विकसित भारत अभियान के बारे में जागरूक करें।