डीएलसी सुपवाः ज्यूरी सदस्यों ने सराहा फैकल्टी ऑफ डिजाइन के छात्रों की मेहनत व रचनात्मकता को

डीएलसी सुपवाः ज्यूरी सदस्यों ने सराहा फैकल्टी ऑफ डिजाइन के छात्रों की मेहनत व रचनात्मकता को

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक में डिजाइन फैकल्टी के तहत विभिन्न विभागों के छात्रों की ज्यूरी में छात्रों द्वारा तैयार उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिनका मूल्यांकन करने के लिए एक्सटर्नल एक्सपर्ट्स पहुंच रहे हैं।

फैकल्टी ऑफ डिजाइन की एफसी डॉ शैली खन्ना ने बताया कि टेक्सटाइल डिजाइन के चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, तकनीकी विशेषज्ञता व सेमेस्टर भर की सीख को नवोन्मेषी डिजाइन अवधारणाओं, कपड़े की खोजों, डिजिटल रचनाओं, बुनाई पैटर्न व टेक्सटाइल सतह उपचारों के माध्यम से प्रदर्शित किया है। ज्यूरी सदस्यों ने छात्रों के समर्पण, आत्मविश्वास और उभरते डिजाइनरों के रूप में उनकी प्रतिभा की सराहना की।

वहीं, प्रोडक्ट डिजाइन के द्वितीय वर्ष के छात्रों ने फॉर्म अन्वेषण, प्रोडक्ट डिटेलिंग, डिजिटल कार्य, हाथ से प्रोडक्ट विकास अभ्यास व रचनात्मक डिजाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने काम को दिखाया। ज्यूरी सदस्यों ने उनके परिश्रम, रचनात्मकता व भविष्य के डिजाइनरों के रूप में रेखांकित किया।

एफसी डॉ शैली खन्ना ने बताया कि प्रोडक्ट डिजाइन के छठे सेमेस्टर के छात्रों ने सृजनात्मकता, अनुसंधान व नवाचार का प्रेरणादायक प्रदर्शन करते हुए पैकेजिंग डिजाइन, मानव आराम डिजाइन, ब्रांड अध्ययन, डिजाइन नवाचार, संचार डिजाइन, क्राफ्ट डॉक्यूमेंटेशन, डिजाइन अध्ययन व इन्फोग्राफिक एवं दृश्य प्रस्तुति में अपने अन्वेषण प्रस्तुत किए।

फैशन डिजाइन के चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने पैटर्न मेकिंग व गारमेंट कंस्ट्रक्शन पर फोकस किया। इसके तहत तकनीकी टेक्सटाइल, आधुनिक फैशन इलस्ट्रेशन, ट्रेंड और फोरकास्टिंग, ऐतिहासिक डिजाइन फैशन प्रोजेक्ट, फैशन स्टाइलिंग के लिए कलर एनालिसिस, बिजनेस रिसर्च कम्युनिकेशन व एडवांस्ड सॉफ्ट स्किल्स पर जोर दिया। ज्यूरी सदस्यों ने कहा कि ये शोकेस उनकी गारमेंट विकास, स्टाइलिंग, ट्रेंड रिसर्च, संचार व पेशेवर प्रस्तुति में सीख को दर्शाता है।